Tuesday, 30 October 2018

कर्नल सिंह बन सकते हैं देश के पहले डिप्टी एनएसए, पीएमओ लेगा फैसला


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शंकर आनंददो दिन पहले ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के पूर्व निदेशक कर्नल सिंह अपने पद से रिटायर हुए हैं. लेकिन उनके पुराने काम और उनकी दूरदृष्टि को देखते हुए पीएमओ जल्द ही उन्हें बड़ा ओहदा देने की तैयारी कर रहा है. कर्नल सिंह ने दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल में कार्य के दौरान आतंकवाद, संगठित क्राइम को पनपने से रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. उनके नेतृत्व में स्पेशल सेल ने ऐसे काम किया कि दिल्ली-एनसीआर में कोई भी आतंकी संगठन अपने पैर नहीं जमा सका.


कर्नल सिंह ने ईडी के निदेशक के रहते हुए देश के अंदर काले धन रखने वालों और विदेश काली कमाई से संपत्ति बनाने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की थी. उनके कार्यकाल को ईडी के अब तक सबसे बेहतर कार्यकाल की श्रेणी में रखा जाता है.


देश को 10 साल तक मजबूत और कड़े फैसले लेने वाली सरकार की जरूरत: NSAकर्नल सिंह ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत कई बड़े राजनेताओं, कारोबारियों, हवाला कारोबारियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की थी. ईडी की अगर बात करें तो कर्नल सिंह के ईडी में जॉइन करने से पहले 10 सालों में ईडी ने कुल 9003 करोड़ रुपये का काला धन जप्त किया था. जबकि कर्नल सिंह के करीब तीन साल के कार्यकाल में करीब 33,563 करोड़ रुपये का काला धन से बनाई गई सम्पतियों को जप्त किया गया.


मोदी सरकार की “भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई” को एक दिशा दिखाने में कर्नल सिंह और उनकी टीम ने पूरे शिद्दत से सहयोग किया. शायद इसी का नतीजा है कि ईडी पर पिछले तीन सालों में कोई भी किसी तरह का सवाल उठा नहीं सका.


आईपीएस अधिकारी कर्नल सिंह ने यूपी के कानपुर से ग्रेजुएशन किया है. वह 1984 में आईपीएस बने. दिल्ली पुलिस में कार्य के दौरान इंडियन मुजाहिदीन, लश्कर जैसे आतंकी संगठनों के खिलाफ उन्होंने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया था. ईडी में कार्यकाल के दौरान पीएमओ के निर्देश पर देश की सुरक्षा, आतंकियों की फंडिंग पर रोकथाम, पाकिस्तान की तरफ से आतंकवाद मसले को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मुद्दा बनाने में जो योजना बनी उसमें भी कर्नल सिंह शामिल रहे. इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान के खिलाफ मुहिम छेड़ने में भी भारत को मदद मिली.


हालांकि हमारे सूत्र ये भी बताते हैं कि कर्नल सिंह के लिए पीएमओ में एक विशिष्ठ पद या राष्ट्रीय मानव अधिकार संस्थान या UPSC में भी जाने का कयास लगाया जा रहा है. लेकिन डिप्टी एनएसए बनाए जाने की ज्यादा संभावना है.


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