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2019 से इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स ऑफ द ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) की ओर से मान्यता मिले इंजीनियरिंग कॉलेजों के छात्र ओपन बुक एग्जाम में शामिल हो सकेंगे. दरअसल, बोर्ड ने अपने एग्जामिनेशन पॉलिसी में कुछ बदलाव किए हैं, जिसके बाद बोर्ड ने ये बड़ा बदलाव किया है. इसके बाद छात्रों को एग्जामिनेशन हॉल में किताबों से रेफरेंस लेने की अनुमति होगी.ये भी पढ़ें- जल्द ही बुक-नोट्स का इस्तेमाल कर एग्जाम दे सकेंगे इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स!
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, इसके अलावा छात्रों के बेहतर आकलन के लिए प्रश्न पत्र कैसे बनाएं, इसे लेकर भी बोर्ड ने कुछ दिशा-निर्देश दिए हैं. इनमें मैंडेटरी इंटर्नशिप, रिसर्च और स्टूडेंट्स प्रोजेक्ट जैसे और भी कई मुद्दों पर बदलाव किया है.
ये भी पढ़ें- इन सेक्टर्स में घट रही हैं नौकरियां, आने वाले समय में स्टार्टअप से मिलेगी जॉबये बदलाव भारत में इंजीनियरिंग एजुकेशन की क्वालिटी को बेहतर करने के लिए लाया गया है. एआईसीटीई कमिटी के चेयरपर्सन अशोक शेत्तार ने बताया कि इन नई गाइडलाइंस के बाद छात्रों के असेसमेंट का तरीका बदलेगा. उन्होंने कहा कि फिलहाल के असेसमेंट सिस्टम में छात्रों के टीम मैनेजमेंट और कम्युनिकेशन स्किल जैसे सॉफ्ट स्किल्स का कोई आकलन नहीं हो पाता. अब छात्रों के इन्फॉर्मेशन के अप्लीकेशन करने और समस्या को हल करने की क्षमता को पैमाना बनाया जाएगा, न कि इस पर वो कितनी इन्फॉर्मेशन याद रखते हैं.
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एआईसीटीई ने कॉलेजों से कहा है कि या तो वो ऐसे सवाल कम पूछें, जिनमें दो-तीन कॉन्सेप्ट की जरूरत पड़े या फिर ओपन बुक एग्जाम को ज्यादा वक्त दिया जाए. इससे स्टूडेंट्स को आसानी होगी क्योंकि अब उन्हें चीजें याद रखने के बजाय जानकारी का बेहतर अप्लीकेशन कैसे करें, इस पर फोकस करना होगा.
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इस एडवाइजरी में कहा गया है कि टीचर्स ऐसे प्रश्न पत्र बनाएं कि ओपन बुक एग्जाम में भी छात्रों को किताब में जानकारी ढूंढने की बजाए उपलब्ध जानकारी के साथ समस्या को हल करना हो. इसके लिए एआईसीटीई देश भर के इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट्स के टीचरों को अगले महीने से ट्रेनिंग भी देगी. शेत्तार ने बताया कि अगले शैक्षणिक सत्र से ओपन बुक एग्जाम लागू किए जाएंगे.
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