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(अमन सय्यद)शिवसेना सुप्रीमो बाला साहेब ठाकरे के बेटों की बीच उनकी की वसीयत को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई आखिर खत्म हो गई है. बालासाहेब ठाकरे के बड़े बेटे जयदेव ठाकरे ने अपने छोटे भाई उद्धव ठाकरे के खिलाफ 2011 में बालासाहेब ठाकरे की वसीयत में हिस्सेदारी के विवाद को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट में दायर की याचिका को वापस ले लिया.
शुक्रवार को उद्धव ठाकरे के बड़े भाई जयदेव ठाकरे ने यह कहते हुए इस याचिका को वापस ले लिए की वे अब इस केस को और आगे नहीं बढ़ाना चाहते. जाहिर है जयदेव की इस कदम से उद्धव ठाकरे को काफी राहत मिली है. ऐसे में बालासाहेब ठाकरे के वसीयत के मुताबिक उद्धव ठाकरे को मिली संपत्ति को लेकर अब कोई विवाद नहीं रह गया है. जयदेव ने अपने छोटे भाई उद्धव ठाकरे पर गलत तरीके से संपत्ति हथियाने का आरोप लगाया था.
यह भी पढ़ें: उद्धव ठाकरे 25 नवंबर को जाएंगे अयोध्या, शिवसेना के नेता पहुंचेजयदेव ने 13 दिसम्बर, 2011 को बनी, इस वसीयत को चुनौती देने वाली याचिका नवम्बर 2012 में बाल ठाकरे के निधन के बाद दायर की थी. इस वसीयत के मुताबिक जयदेव को कुछ भी नहीं दिया गया. जयदेव ने वसीयत को गलत बताते हुए कहा कि उनके पिता की ‘मानसिक स्थिति ठीक नहीं’ थी और भाई उद्धव ठाकरे का उन पर प्रभाव था. (एजेंसी इनपुट के साथ)
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