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दिल्ली की हवेलियां जो कभी दिल्ली और हमारी प्राचीन सभ्यता की विरासत थी. ये विरासत अपनी पहचान खोती जा रही हैं. हालात यह है कि दिल्ली का पुराना इलाका यानी की चांदनी चौक मुंबई की धारावी से भी बदतर हो चुका है. यहां का एक बड़ा हिस्सा स्लम एरिया में बदल रहा है. केंद्रीय संसदीय राज्य मंत्री विजय गोयल का कहना है कि पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक पर तत्काल ध्यान नहीं दिया गया, तो चांदनी चौक भक्ति और बेतरतीब अवैध निर्माण और खतरनाक इमारतों का गढ़ बन जाएगा.350 साल पुरानी हेरिटेज सिटी तेजी से कॉन्क्रीट के स्लम एरिया में बदलती जा रही है. केंद्रीय संसदीय राज्य मंत्री विजय गोयल का कहना है कि दिल्ली सरकार की पूरी कैबिनेट ने उपराज्यपाल के खिलाफ धरना देकर बदनामी और जग हंसाई के सिवा कुछ हासिल नहीं किया. केजरीवाल सरकार ने अगर चांदनी चौक में बैठकर धरना दिया होता, तो कम से कम यहां की समस्याओं के बारे में जान पाते. दिल्ली सरकार ने चांदनी चौक की विरासत को बचाने के लिए कुछ नहीं किया.
दिल्ली सरकार के सर्वे में 551 हवेलियां चिन्हित की गई थी. यह हवेलियां अब रोज टूट कर मार्केट में तब्दील हो रही है. एमसीडी के भ्रष्ट अधिकारी न तो इन हवेलियों को टूटने से बचा पा रहे हैं और न ही अवैध निर्माण को रोक पा रहे हैं.
हेरिटेज लुप्त होने से कम हो रहे हैं पर्यटकपुरानी दिल्ली की विरासत कही जाने वाली हवेलियां लुप्त होती जा रही हैं. पहले यहां ज्यादा विदेशी पर्यटक आते थे. लेकिन, अब इनकी संख्या कम होती जा रही है.
विरासत बचाने के लिए 5 जुलाई को पदयात्रा
विजय गोयल ने बताया कि जिस तरीके से विरासत लुप्त होती जा रही है, उसे बचाने के लिए 5 जुलाई को पदयात्रा निकाली जाएगी. इस पदयात्रा के जरिये चांदनी चौक की हवेली को बचाने, अवैध निर्माण रोकने, चांदनी चौक को हेरिटेज सिटी बनाने और क्षेत्र के विकास के लिए दिल्ली सरकार शाहजहांनाबाद री डेवलपमेंट बोर्ड और जरूरत होने पर केंद्र सरकार से भी हस्तक्षेप की मांग करेगी.
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