Tuesday, 28 August 2018

कश्मीर में कैसे BJP धीरे-धीरे जमा रही है जड़ें?


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(आकाश हसन)घाटी में 15 अगस्त की सुबह चारों तरफ सुरक्षा के जबरदस्त इतज़ामात थे. कश्मीर में किसी भी तरह की हिंसक घटना से बचने के लिए सुरक्षा बलों ने कई तरह के प्रतिबंध लगाए थे. लिहाजा चारों तरफ सड़कें खाली थी. हर तरफ सन्नाटा पसरा था.


लेकिन श्रीनगर शहर से सिर्फ 60 किलोमीटर दूर दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में माहौल कुछ अलग था. एक सरकारी कॉलोनी में कश्मीरियों का एक ग्रुप तिरंगे को सलाम कर रहा था और बैकग्राउंड में राष्ट्रगान बज रहा था. खास बात ये है कि इसमें 50 से ज़्यादा लोग भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कार्यकर्ता थे.


बस कुछ ही देर पहले बीजेपी नेता और राज्य के विधान परिषद के सदस्य सोफी यूसुफ ने तिरंगा फहराया था. सोफी ने झंडे को सलाम किया और फिर वहां मौजूद लोगों ने ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए.वहां मौजूद लोग अपनी-अपनी जगह पर बैठ गए और फिर शुरू हुआ यूसुफ का भाषण. उन्होंने कहा, “पाकिस्तान 14 अगस्त को अपना स्वतंत्रता दिवस मनाता है. जबकि भारत 15 अगस्त को आजादी का जश्न मनाता है. आज हमारा स्वतंत्रता दिवस है. हम पिछले 75 सालों से आज़ाद हैं.” भाषण के दौरान सोफी पूर्व प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की नकल करने की कोशिश कर रहे थे.


सोफी यूसुफ ने भाषण में आगे कहा “हमारे देश ने ज़्यादातर कांग्रेस के राज को देखा है. उन्होंने देश को बर्बाद कर दिया. यहां, कश्मीर में, उन्होंने अत्याचार किए. जब नरेंद्र मोदी प्रधान मंत्री बने, तो कुछ लोग कहते थे कि मुसलमानों को अब कहीं और जाना होगा. लेकिन आज चारों ओर देखो, कोई दंगा नहीं है. पच्चीस करोड़ मुस्लिम और अन्य धर्मों के लोग मोदी जी द्वारा शुरू की गई 160 से ज़्यादा योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं.”


सोफी के भाषण की हर कोई तारीफ कर रहा था. कुछ लोग बीजेपी का झंडा लहरा रहे थे. जबकि कुछ लोग बीजेपी की टोपी लगाए बैठे थे. ये बीजेपी का अनंतनाग का ऑफिस है. झंडे सिर्फ यहां ही नहीं फहराए गए बल्कि घाटी के हर जिले में इस तरह के कार्यक्रम का आयजन किया गया. इस मौके पर लोगों ने प्रधानमंत्री के योगदान को याद किया.


जैसे ही भीड़ वहां से गई सोफी अपने दो-कमरे के पार्टी ऑफिस की ओर बढ़ते हैं. वहां वो पार्टी कार्यकर्ताओं से बातें करते हैं. कार्यकर्ताओं में चार महिलाएं भी शामिल थी. इसके बाद उन्होंने कहा, “मैं ये कहना चाहता हूं कि पार्टी आपके लिए काम करेगी. लेकिन क्या आप जानते हैं कि पार्टी को भी आपको कुछ देना होगा? अपने गांवों में जाइए लोगों को बताइए कि दिल्ली में एक नेता हैं (नरेंद्र मोदी) जो विकास चाहते हैं और वो आपका जीवन बदल सकता है.” उनका इशारा आगामी पंचायत चुनावों पर था जहां बीजेपी अपना छाप छोड़ना चाहती है.


उसके बाद सोफी यूसुफ दूसरे कमरे में जा कर बैठ जाते हैं. इसके बाद उनके पास एक-एक करके पार्टी के कार्यकर्ता पहुंचते हैं और वो अपनी समस्याएं बताते हैं. लकड़ी के पैनल वाले कमरे की दीवारों पर बीजेपी के बड़े नेताओं – दीनदयाल उपाध्याय, अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, नरेंद्र मोदी और अमित शाह की तस्वीरें लगी है.


परवेज़ पैरी (बदला हुआ नाम) पार्टी के कार्यकर्ता हैं जो सोफी के काफी नजदीक हैं. 27 साल के परवेज़ पैरी ने कश्मीर विश्वविद्यालय से पोस्टग्रैजुएट किया है. पार्टी के लिए वो चुपचाप प्रचार करते हैं. उन्होंने कहा “मैं गांवों में जाता हूं और अपनी पार्टी का प्रचार करता हूं. मैं गांवों में उन समस्याओं का पता लगाता हूं जिसका वहां के लोग सामना करते हैं. यही एकमात्र तरीका है कि लोग हमें वहां सुने. हम उनके समस्यायों को सुलझाने की कोशिश करते हैं जैसे कि बिजली और सड़क.”


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