READ MORE
रैशनलिस्ट नरेंद्र दाभोलकर की हत्या में संभावित रूप से इस्तेमाल किए गए हथियार को कथित अपराधियों ने इसलिए नष्ट नहीं किया क्योंकि वे उस हथियार को अपने लिए ‘भाग्यशाली’ समझते थे.ये भी पढे़ेंः दाभोलकर हत्याकांड में सनसनीखेज खुलासा, हिंदू राष्ट्र के लिए अलग फौज बनाने की थी तैयारी!
सीबीआई से जुड़े सूत्रों ने बताया कि संभव है कि उसी हथियार का इस्तेमाल फरवरी 2015 में गोविंद पनसारे, अगस्त 2015 में एम एम कलबुर्गी और पिछले साल सितंबर में गौरी लंकेश जैसे वामपंथ की ओर झुकाव रखने वाले लोगों की हत्या में किया गया हो.
ये भी पढे़ेंः नरेंद्र दाभोलकर मर्डर केस में CBI ने की पहली गिरफ्तारीएजेंसी ने हालांकि कहा कि हथियार की बैलिस्टिक जांच के बाद ही इस बारे में कुछ भी ठोस तरीके से कुछ कहा सकेगा. सीबीआई ने हाल में औरंगाबाद के रहने वाले सचिन अंदुरे को पुणे से गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की है. वह दाभोलकर की हत्या में संलिप्त दो लोगों में कथित तौर पर शामिल था.
बता दें कि दाभोलकर की 20 अगस्त 2013 को दिन-दहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. बाद में हत्या के मामले की जांच मुंबई उच्च न्यायालय ने मई 2014 में सीबीआई को सौंप दी थी. इस हत्या पर लोगों ने रोष व्यक्त किया था और जाने-माने कई लेखकों और अन्य हस्तियों ने कथित असहिष्णुता के विरोध में अपने पुरस्कार लौटा दिए थे.
Article source: http://feedproxy.google.com/~r/ndtvkhabar/~3/ONO7Nn7LsFs/story01.htm
No comments:
Post a Comment