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मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री चरण पादुका योजना के तहत तेंदूपत्ता संग्राहकों को बांटे गए जूते-चप्पल से स्किन कैंसर का ख़तरा होने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि वो अपने स्तर पर प्रयोगशाला में इसकी जांच कराने के बाद इस मामले में उचित कानूनी कदम उठाएगी.प्रदेश कांग्रेस की मीडिया विभाग की अध्यक्ष शोभा ओझा ने पत्रकार वार्ता में आरोप लगाया है कि इस योजना के तहत तेंदूपत्ता संग्राहकों में बांटे गए जूतों के इनर सोल में स्किन कैंसर पैदा करने वाला हानिकारक रसायन एजो डाइ मिला हुआ है. उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस अपने स्तर पर इसकी प्रयोगशाला जांच के बाद इस मामले में उचित कानूनी कार्रवाई करेगी.’
पत्रकार वार्ता में लगभग एक दर्जन आदिवासी तेंदूपत्ता संग्राहक भी उपस्थित थे, जिन्होंने कहा कि सात से दस दिन तक इन जूते-चप्पलों का उपयोग करने के बाद उन्हें खुजली होने लगी और इसके बाद उन्होंने इसका उपयोग बंद कर दिया.
ओझा ने कहा कि इस योजना में सरकार की ओर से जूते-चप्पलों की खरीदी में बड़ा भ्रष्टाचार भी हुआ है तथा ई-टेंडरिंग के बजाय मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम के ज़रिए 195 रुपए में प्रति जोड़ी जूते तथा 131 रुपए में प्रति जोड़ी चप्पल खरीदी गई है, जबकि इनकी गुणवत्ता घटिया होकर जूते चप्पलों पर उत्पादक का नाम तक दर्ज़ नहीं किया गया है.ओझा ने मांग की, ‘शिवराज सरकार आदिवासियों को कैंसर के ख़तरे से बचाने के लिए शीघ्र ही अब तक बांटे गए सारे जूते-चप्पलों को वापस बुलवाएं और सारे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराएं.’ गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस ‘चरण पादुका योजना’ की शुरुआत छत्तीसगढ़ के बीजापुर में इस साल 14 अप्रैल को एक आदिवासी महिला को अपने हाथों से मंच पर चप्पल पहनाकर की थी. इस योजना के तहत देश में तेंदूपत्ता बीनने वालों को चप्पलें एवं जूते दिए जाने हैं, जिससे वो जंगलों में आसानी से चल सकें. इसी के तहत मध्यप्रदेश में 19 अप्रैल से चरण-पादुकाएं दी जा रही हैं.
इससे पहले मध्यप्रदेश जनसंपर्क विभाग की ओर से रविवार को जारी एक विज्ञप्ति में प्रदेश के वन मंत्री डॉ गौरीशंकर शेजवार ने बताया, ‘राज्य शासन ने तेन्दूपत्ता संग्राहकों की सुविधा के लिए 18 लाख से अधिक जूते-चप्पल का वितरण किया है. ये जूते-चप्पल अच्छी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के बाद ही तरित किए गए हैं. इनमें स्किन कैंसर पैदा करने वाला हानिकारक रसायन नहीं था.’ शेजवार ने कहा, ‘परीक्षण के लिए जो सैम्पल भेजे गए थे उसमें 2 लाख जूतों का लॉट इनर-सोल में ‘एजो डाइ’ की मात्रा अधिक पाए जाने पर रिजेक्ट किया जा चुका है. कंपनी को इनर-सोल बदलने के आदेश दिए जा चुके हैं. इनर सोल बदलने के बाद जूतों का पुन:परीक्षण भारत सरकार की संस्थाओं की लेबोरेटरी में करवाने के बाद ही जूतों का वितरण किया जाएगा.’
उन्होंने बताया कि जूते-चप्पलों का क्रय मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम के माध्यम से ही किया गया है. इनके वितरण के पहले गुणवत्ता का परीक्षण अनिवार्य रूप से दो प्रतिष्ठित संस्थाओं फुटवेयर डिजाईन एण्ड डेवलपमेन्ट इंस्टीट्यूट नोएडा और केन्द्रीय चर्म अनुसंधान संस्थान चेन्नई से कराया जाता है.
इस बीच आम आदमी पार्टी ने सोमवार को इस मामले में विरोध प्रदर्शन किया और शहर के एमपी नगर पुलिस स्टेशन पर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक के नाम एक ज्ञापन सौंपा.
Article source: https://hindi.news18.com/news/sports/cricket/harbhajan-singh-slams-bcci-decision-to-not-play-day-night-test-1382594.html
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