Wednesday, 29 August 2018

सुधा भारद्वाज ने वंचितों के लिए किया काम, आगे भी जारी रहेगी उनकी लड़ाई: साथी कार्यकर्ता


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पुणे पुलिस ने मंगलवार को देशभर में ऑपरेशन लॉन्च किया और दिल्ली, मुंबई, रांची, गोवा और हैदराबाद में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, लेखकों, वकीलों और पत्रकारों के निवास पर छापा मारकर सुधा भारद्वाज, वरवर राव, गौतम नवलखा, अरुण फरेरा और वेरनॉन गोंसाल्व को गिरफ्तार कर लिया.सामाजिक कार्यकर्ता रिनचिन को जब सुधा भारद्वाज के निवास पर छापे के बारे में पता चला तो पहले तो उन्हें सदमा लेकिन यह अहसास भी था कि ऐसा कुछ होने वाला है. रिनचिन कहती हैं, “एक तरफ हमें सदमा लगा तो दूसरी तरफ अहसास था कि ऐसा कुछ हो सकता है. हम जानते थे कि आज के माहौल में सुधा जैसे लोगों को निशाना बनाया जाएगा. यह उनके काम का इनाम है.”


रिनचिन ने आगे कहा, “यह केवल हमें परेशान करने के लिए नहीं है बल्कि उन समुदायों के लिए झटका है जो हाशिए पर खड़े हैं और जिनके लिए सुधा और दूसरे लोगों ने दशकों से काम किया है. उन्होंने उन लोगों को निशाना बनाया है जिन्होंने राज्य द्वारा उत्पीड़ित लोगों का समर्थन किया है.”


न्यूज 18 से बात करते हुए रिनचिन ने कहा कि वह पिछले 20 सालों से सुधा भारद्वाज को जानती हैं और छत्तीसगढ़ में उन्होंने साथ मिलकर काम किया है. सुधा भारद्वाज को लेकर उन्होंने कहा, “सुधा के बारे में उनका काम बताता है. उन्होंने भारत के सबसे कमजोर तबके के अधिकारों की लड़ाई लड़ी है. वह उन्हें तब कानूनी सहायता देती थी जब दूसरे वकील इनकार कर देते. उन्होंने उनके केस लड़े. उन्होंने उन लोगों को न्याय प्रणाली के ढांचे के भीतर रखा.”रिनचिन आगे कहती हैं, “उनका कहना है कि वह नक्सलियों की मदद कर रही थी. हम जानते हैं कि वह किनकी मदद कर रही थी. वो उन लोगों की मदद कर रहीं थी जो कानूनी व्यवस्था के बारे में जानते भी नहीं हैं. साफ है कि सरकार किसको दबाने की कोशिश कर रही है. अगर सुधा जैसी किसी को इस तरह से निशाना बनाया जाएगा तो फिर राज्य का लक्ष्य साफ है.”


न्यूज18 से अपनी लंबी बातचीत के दौरान रिनचिन ने कहा कि उनकी लड़ाई जारी रहेगी. उन्होंने कहा कि सुधा अकेली नहीं हैं. जिस समुदाय के लिए उन्होंने काम किया है वे सच्चाई जानते हैं, वे उनके लिए लड़ेंगे. उन्होंने कहा कि सुधा के लिए आगे और अधिक आंदोलन होंगे.


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Article source: https://hindi.news18.com/videos/nation-sau-baat-ki-ek-baat-186-1154462.html

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