Wednesday, 29 August 2018

भीमा-कोरेगांव मामला: राजनीतिक गलियारों से लेकर सामाजिक संगठनों तक विरोध के स्वर हुए मुखर


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भीमा-कोरेगांव हिंसा से जुड़े मामले में पुणे पुलिस की देशव्यापी छापेमार कार्रवाई के बाद हड़कंप मचा हुआ है. पांच वामपंथी विचारकों की गिरफ्तारी से राजनीतिक गलियारों से लेकर सामाजिक संगठनों तक विरोध के स्वर मुखर हो रहे हैं. लेकिन क्या आपको पता है कि ऐसे क्या सबूत थे, जिसके आधार पर पुलिस ने देश के सात राज्यों में छापेमारी की कार्रवाई करते हुए कई लोगों से पूछताछ के बाद पांच विचारकों को गिरफ्तार किया है.दरअसल भीमा-कोरेगांव में इस साल की शुरुआत में हुई हिंसा के मामले की जांच कर रही पुणे पुलिस को कई अहम सबूत हाथ लगे थे. इसी आधार पर छह जून को पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया था. इनमें नागपुर के वकील सुरेंद्र गाडलिंग भी शामिल थे. पुलिस का दावा था कि ये पांचों ‘राजीव गांधी की तरह’ किसी बड़ी राजनीतिक शख्सियत की हत्या की साज़िश कर रहे थे.


पांचों आरोपियों की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस के हाथ कुछ डायरी और ई-मेल हाथ लगे थे. दावा किया जा रहा है कि डायरी, कागजातों और ई-मेल की जांच के दौरान ऐसे सबूत मिले, जिसके आधार पर सामाजिक कार्यकर्ता गौतम नवलखा, वरवरा राव, सुधा भारद्वाज, अरुण फरेरा और वरनोन गोंजालवेस की गिरफ्तारी की गई.


जून में गिरफ्तार पांच लोगों से संबंध रखने वालों के घरों पर छापे मारे गए. संदिग्धों के वित्तीय लेनदेन और संचार के तरीकों की छानबीन भी की जा रही है. सभी आरोपियों पर आईपीसी की विभिन्न धाराओं और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून यानी यूएपीए के तहत मामला दर्ज़ किया गया है. पुलिस ने कहा कि गिरफ्तार हुए पांच लोगों पर नज़र रखी जा रही थी और एक हफ्ते से उनकी हर एक हरकत पर निगरानी थी.पांच आरोपियों से मिले सुराग के आधार पर पुलिस को इस पूरे कथित तौर पर खड़े किए जा रहे नेटवर्क के बारे में होश उड़ाने वाले खुलासे हुए. इनमें राजीव गांधी की तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की साज़िश रचने का खुलासा हुआ था. इसके बाद ही जांच एजेंसियों के सारी कड़ियों को जोड़ना शुरू कर दिया. पुलिस के सर्विलांस में आए सभी संदिग्धों की गतिविधियों पर करीब एक हफ्ते तक नज़र रखी गई. इसके बाद पुलिस ने एक साथ देशभर में सात शहरों में छापेमार कार्रवाई करते हुए हैदराबाद से वरावरा राव, मुंबई से वेरनॉन गोंजाल्विस और अरुण फरेरा, फरीदाबाद से वकील सुधा भारद्वाज और दिल्ली से गौतम नवलखा को गिरफ्तार किया.


(अजय कौटीकवार की रिपोर्ट)


Article source: https://hindi.news18.com/news/nation/golden-razor-for-shaving-in-maharashtras-saloon-1382731.html

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