Thursday, 30 August 2018

अगर पार्टी में शामिल किया जाएगा तो स्टालिन को नेता स्वीकार करने को तैयार- एमके अलागिरी


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एमके अलागिरी ने 27 अगस्त को कहा था कि अगर डीएमके में उन्हें शामिल नहीं किया जाएगा तो पार्टी को इसके नतीजे भुगतने होंगे. लेकिन गुरुवार को अलागिरी ने कहा कि अगर उन्हें पार्टी में शामिल कर लिया जाएगा तो वो स्टालिन को नेता मानने के लिए तैयार हैं.अलागिरी ने कहा, अगर मुझे पार्टी में शामिल किया जाएगा तो हम स्टालिन के साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं. दूसरा कोई रास्ता नहीं है. अगर हमें पार्टी मे शामिल नहीं किया जाएगा तो हम इसके बारे में अपने समर्थकों से मीटिंग करने के बाद फैसला लेंगे.


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24 अगस्त को अलागिरी ने अपने समर्थकों से मदुरई में मिलना शुरू किया. पहले तीन दिनों में इनकी संख्या काफी थी लेकिन सोमवार के बाद इनकी संख्या में कमी आ गई. बुधवार को उनके घर पर सिर्फ 10 समर्थक मौजूद थे. मीडिया ने भी इसे बहुत कवरेज नहीं दिया. यह घटना स्टालिन के डीएमके अध्यक्ष बनने के एक दिन बाद की है.




एमके अलागिरी ने 27 अगस्त को कहा था कि अगर डीएमके में उन्हें शामिल नहीं किया जाएगा तो पार्टी को इसके नतीजे भुगतने होंगे. लेकिन गुरुवार को अलागिरी ने कहा कि अगर उन्हें पार्टी में शामिल कर लिया जाएगा तो वो स्टालिन को नेता मानने के लिए तैयार हैं.


अलागिरी ने कहा, ‘अगर मुझे पार्टी में शामिल किया जाएगा तो हम स्टालिन के साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं. दूसरा कोई रास्ता नहीं है. अगर हमें पार्टी मे शामिल नहीं किया जाएगा तो हम इसके बारे में अपने समर्थकों से मीटिंग करने के बाद फैसला लेंगे.’


24 अगस्त को अलागिरी ने अपने समर्थकों से मदुरई में मिलना शुरू किया था. पहले तीन दिनों में इनकी संख्या काफी थी लेकिन सोमवार के बाद इनकी संख्या में कमी आ गई. बुधवार को उनके घर पर सिर्फ 10 समर्थक मौजूद थे. मीडिया ने भी इसे बहुत कवरेज नहीं दिया. यह घटना स्टालिन के डीएमके अध्यक्ष बनने के एक दिन बाद की है.


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अलागिरी ने कहा कि करुणानिधि के निधन के बाद डीएमके को बचाने की खातिर वह यह सब कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘कलईनार (करुणानिधि) अब नहीं हैं, पार्टी को बचाना है. यदि उन्होंने मुझे फिर से शामिल नहीं किया तो उन्हें नतीजे भुगतने पड़ेंगे.’ बता दें कि साल 2014 में करुणानिधि की ओर से पार्टी से निकाले जाने के बाद से अलागिरी राजनीतिक एकांतवास में हैं.


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