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रौनक कुमार गुंजनराष्ट्रीय सांख्यिकी समिति के पूर्व अध्यक्ष प्रणब सेन ने भारतीय रिजर्व बैंक की सालाना रिपोर्ट आने के बाद नोटबंदी की प्रक्रिया को ‘असफल’ बताया. हालांकि विपक्ष इस रिपोर्ट को ‘चौंकाने’ वाला बता रहा है. आरबीआई ने बुधवार को अपनी सालाना रिपोर्ट जारी की. इसके मुताबिक 99.30 फीसदी नोट बैंक खातों में आ गए. सेन ने 99.30 फीसदी नोट के बैंक खातों में वापस आने को ‘अपेक्षित’ बताया.
सेन ने कहा, ‘नोटबंदी सफल रही या नहीं, यह इसके उद्देश्य पर निर्भर करती है. यह नोटों की संख्या पर आंका गया. कहा गया था कि तीन लाख करोड़ रुपए वापस नहीं आएगा. अगर यह उद्देश्य था तो हां यह असफल हुआ है कि क्योंकि तेरह हजार करोड़ रुपए की राशि वापस नहीं आई है जो संभवतः नेपाल,भूटान, बांग्लादेश, बर्मा सरीखें देशों में होगी जिनके पास करेंसी बदलने का कोई आसान रास्ता हो.’
सेन ने कहा कि सरकार यह समझने में नाकाम रही कि अर्थव्यवस्था में ब्लैकमनी कैसे संचालित होती है. सेन ने कहा, ‘कोई भी जो यह समझता होगा कि काला धन कैसे संचालित होता है वह जानता रहा होगा कि परिणाम यही होगा. मैं इस बारे में एकदम निश्चिंत था कि इनमें से बहुत सारा पैसा लौट आएगा. इसकी वजह यह है कि बहुत कम लोग नकदी में कालाधन रखते हैं.’यह भी पढ़ें: फेल हो हई नोटबंदी? बैंकों में वापस आ गए 99% 500-1000 के नोट
उन्होंनेविस्तार से जानकारी दी कि काले धन के दो सबसे आम उपयोग व्यापार और ऋण हैं. सेन ने कहा, ‘पूरा व्यापार क्षेत्र नकदी पर काम करता है, जिसमें से एक बड़ा हिस्सा काला धन है.अब, ये दोनों आर्थिक रूप से मूल्यवान गतिविधियां हैं. इसमें कोई संदेह नहीं है कि इन दोनों गतिविधियों को वित्त पोषित करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला काला धन कम हो गया है लेकिन यह केंद्र की अपेक्षा के अनुरूप नहीं है.
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Article source: http://khabar.ibnlive.com/news/khel/ravi-shastri-talks-about-t-20-series-415665.html
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