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भीमा-कोरेगांव हिंसा के आरोप में पांच वामपंथी विचारकों और कथित मानवाधिकार कार्यकर्ताओं पर एक्शन से सियासी घमासान मचा है. इस बीच बीजेपी ने कांग्रेस पर कड़ा हमला बोला है. बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को नक्सलवाद और मानवाधिकार के बीच अंतर नहीं पता है.वामपंथियों की गिरफ्तारी पर बोले यशवंत सिन्हा- इमरजेंसी जैसे हालात देश में अब भी है
बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ये बातें कही. उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस जब इन लोगों को गिरफ्तार करती है तो ये लोग नक्सली होते हैं, लेकिन जब बीजेपी इनके खिलाफ कार्रवाई करती है तो ये मानवाधिकारी कार्यकर्ता बन जाते हैं.’ उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस आज दरकिनार हो गई है, वह नक्सलियों की मदद के लिए खड़ी है.’
वामपंथी विचारकों के हाउस अरेस्ट पर केंद्र ने कहा- ‘वो नक्सलियों की कर रहे थे आर्थिक मदद’पात्रा ने कहा कि जब कांग्रेस के समय में ये ही लोग गिरफ्तार हुए थे तब कांग्रेस ने कहा था कि माओवादी संगठन अर्बन एरिया में एनजीओ के रूप में का कर रहे है. इतना ही नहीं पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी कह चुके हैं कि शहरी नक्सलवाद देश के लिए एक बड़ा खतरा बन गया है.
बीजेपी ने कहा कि नक्सलवादियों को मालूम है कि कानून की पेचीदगी से कैसे निपटा जाए और इन्हीं पेचीदगियों का फायदा उठाकर ये लोग कानून के चुंगल से छूट जाते हैं. उन्होंने कहा कि आज राहुल गांधी इन्हीं नक्सलवादियों के सबसे बड़े हमदर्द बन रहे हैं. उन्हें यह तक नहीं मालूम कि नक्लवादियों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं में क्या अंतर होता है. उन्होंने सवाल किया कि क्या शहरी नक्सलवाद देश के लिए खतरा नहीं है. (एजेंसी इनपुट)
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