Tuesday, 2 October 2018

यूपी-दिल्ली बॉर्डर पर डटे हजारों किसान, कहा- 10 दिन का राशन लेकर आए हैं


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बिना शर्त कर्ज माफी और गन्ना मिलों का बकाया भुगतान को लेकर हजारों की संख्या में किसान दिल्ली कूच करने के लिए यूपी-दिल्ली बॉर्डर पर रात भर डटे रहने वाले हैं. भारतीय किसान यूनियन (BKU) के बैनर तले ‘किसान क्रांति पदयात्रा’ को रोकने के लिए की गई सरकार की कोशिशें भी फीकी पड़ती दिख रही हैं. इस दौरान पुलिस ने हल्का बल प्रयोग भी किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए. लेकिन, आक्रोशित किसानों का कहना है कि उनके पास 10 दिन का राशन-पानी है. इस बार अपनी मांगों को मनवाए बिना पीछे नहीं हटेंगे.किसानों को दिल्ली में प्रवेश करने दिया जाना चाहिए: अरविंद केजरीवाल


किसानों की कुल 11 मांगें थी, लेकिन सरकार ने अब तक 7 मुद्दों पर हामी भरी है. 4 मुद्दे अभी भी अटके हैं. इस पर भारतीय किसान यूनियन (BKU) के अध्यक्ष राकेश सिंह टिकैत ने कहा कि सरकार की मंशा किसानों की बात मानने की नहीं है. उन्होंने कहा कि सरकार के साथ वार्ता नाकाम रही, इसलिए गाजीपुर बॉर्डर पर किसान रातभर प्रदर्शन करेंगे.


किसानों की इन मांगों के लिए सरकार से बनी सहमतिकिसानों के प्रतिनिधिमंडल और गृहमंत्री राजनाथ सिंह के बीच बात बन गई है. केंद्र सरकार ने किसानों की ज्यादातर मांगों पर अपनी सहमति जता दी है. फसल बीमा, कृषि उपकरण को जीएसटी के 5 फीसदी दायरे में रखना जैसी मांगों पर सरकार ने अपनी हामीं भर दी है.




कब शुरू हुई थी किसान क्रांति पद यात्रा?
किसानों की ये पदयात्रा 23 सितंबर को हरिद्वार से शुरू हुई थी, जो 2 अक्टूबर को पूर्व प्रधानमंत्री और किसान नेता चौधरी चरण सिंह की स्मृति स्थल ‘किसान घाट’ पर खत्म होनी थी. लेकिन, सरकार ने एहतिहात के तौर किसानों को दिल्ली में दाखिल होने से रोक दिया है. जिसके बाद बड़ी तादात में ये किसान दिल्ली-यूपी बॉर्डर और गाजीपुर इलाके में डटे हैं. इस बीच गाजियाबाद के डीएम रितु माहेश्वरी ने कहा, ‘किसान आंदोलन के मद्देनजर एहतियात के तौर पर बुधवार को गाजियाबाद के सभी स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे.


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कृषि राज्य मंत्री ने किसानों की मांगों को आगे बढ़ाने का दिया भरोसा
दिल्ली-उत्तर प्रदेश की सीमा पर प्रदर्शनकारी किसानों से मिलने के बाद केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने किसानों को भरोसा दिलाया कि वो उनकी मांगों को आगे बढ़ाएंगे. शेखावत ने कहा, ‘हम एनजीटी के इस आदेश को लेकर अदालत में जाएंगे कि 10 साल से पुराने ट्रैक्टरों और वाहनों पर पाबंदी लगनी चाहिए.’ खेतिहर मजदूरी के संबंध में किसानों की समस्या पर मंत्री ने कहा कि सरकार इस समस्या के समाधान के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के लिहाज से न्यूनतम वेतन के नियमों में कुछ बदलाव लाने पर विचार करेगी.


शेखावत ने कहा, ‘सरकार ने खेतिहर मजदूरी के मुद्दे पर विचार के लिए छह मुख्यमंत्रियों की समिति बनाई है. समिति मनरेगा को खेती से जोड़ने पर बातचीत कर रही है.’ उन्होंने किसानों से कहा, ‘केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह की तरफ से मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि मैं इस समिति में किसानों के हितों की बात रखूंगा और मनरेगा को खेती से जोड़ने के लिए जो भी बदलाव जरूरी होंगे, किये जाएंगे.’


Article source: https://hindi.news18.com/news/nation/delhi-cm-arvind-kejriwal-farmers-protest-delhi-pm-modi-central-government-1533593.html

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