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असम में कई संगठनों ने तिनसुकिया जिले के पांच लोगों की क्रूर हत्या पर शनिवार को 24 घंटे बंद का आह्वान किया है. अखिल असम बंगाली छात्र संघ के नेतृत्व में बुलाए गए बंद के दौरान कई सेवाएं प्रभावित रहने की संभावना है. क्योंकि यहां पर दुकानें सुबह 5 बजे से शाम 5 बजे तक बंद रहेंगी.एक स्थानीय मीडिया संस्थान ने छात्र संगठन के एक सदस्य के हवाले से कहा, ‘छात्रों के संगठन ने बंद को सफल बनाने के लिए स्थानीय लोगों से सहयोग मांगा है. हालांकि आपातकालीन सेवाओं को बंद नहीं रखा जाएगा’. छात्र संगठनों ने शुक्रवार को भी बंद बुलाया था. इस दौरान उन्होंने घटना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और दुकानों को बंद करा दिया था. पुलिस ने कहा कि इस दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली.
इस बीच, पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने निर्दोष लोगों की हत्या की निंदा करते हुए राज्यव्यापी विरोध की मांग की थी. पार्टी ने कहा कि उनका एक प्रतिनिधिमंडल असम में मारे गए लोगों के परिवारों से मिलने जाएगा. पार्टी पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और मुश्किल समय में उनकी सहायता करेगी.
ये भी पढ़ें: असम में 5 युवकों की हत्या से भड़कीं ममता बनर्जी, आज प्रदर्शन करेगी TMCटीएमसी ने इस पूरी घटना को नागरिकता सर्वेक्षण से भी जोड़ा था. एनआरसी के मामले पर असम सरकार में वित्त और स्वास्थ्य मंत्री हेमंत बिस्व शर्मा ने कहा, ‘ममता बनर्जी असम को बारीकी से जानती हैं. उन्हें ऐसा वक्तव्य नहीं देना चाहिए. एनआरसी के भय को खत्म करने की जरूरत है.’
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शर्मा ने सीएनएन-न्यूज 18 को बताया, ‘उल्फा हर बार हमले करता है. इसपर मुख्यमंत्री से इस्तीफा नहीं मांग सकते हैं. असम उल्फा की दया पर नहीं चल रहा है. हमारे पास पर्याप्त ताकत है और आरोपियों को कोई भी बचा नहीं पाएगा.’ बता दें कि असम के तिनसुकिया जिले में गुरुवार शाम को पांच बांग्ला भाषी युवकों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस हत्याकांड में उल्फा(आई) के उग्रवादियों का हाथ बताया जा रहा है, हालांकि उल्फा ने इससे इनकार किया है.
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