Saturday, 3 November 2018

गूगल के कर्मचारी आखिर क्यों कह रहे हैं 'Not OK google'


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यौन उत्पीड़न के मामले में दोषियों के साथ उतना सख्त न होने के विरोध में गूगल के सैकड़ों कर्चारियों ने काम का बहिष्कार किया और सड़कों पर उतर आए. सिलिकॉन वैली से इसकी शुरुआत हुई जो दुनियाभर में फैल गई. इसके लिए ट्विटर पर गूगल वॉकआउट (https://twitter.com/GoogleWalkout) नाम से एक पेज भी बनाया गया, जिसमें लोग इस मुहिम की प्रासंगिकता को गूगल से जोड़ते हुए अपनी मांगें रख रहे हैं.महिलाओं के साथ यौन हिंसा और दूसरे कई तरह के भेदों पर विरोध की शुरुआत तभी हो गई थी, जब गूगल ने अपने 48 कर्मचारियों को निकालने की सूचना जारी की थी. नौकरी से हटाए गए इन सभी कर्मचारियों पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगा था. लेकिन आरोपियों को नौकरी से हटाने के बावजूद आखिर गूगल निशाने पर क्यों आया?


इस अखबार ने बताई सच्चाई
इसकी वजह है न्यू यॉर्क टाइम्स में छपी वो रिपोर्ट, जिसमें इस बात का जिक्र था कि यौन उत्पीड़न के आरोपी एंडी रूबिन जिन्हें फादर ऑफ एंड्रॉइड भी कहा जाता है, को साल 2014 में कंपनी से निकालते हुए उन्हें 90 मिलियन डॉलर का एग्जिट पैकेज दिया था. प्रतिष्ठित अखबार में छपी इस रिपोर्ट से गूगल के कर्मचारियों में गुस्सा फैल गया, जिसका असर पूरी दुनिया में उनके वॉक आउट के रूप में सामने आया.



गूगल के कर्मचारी कर रहे विरोध

सीईओ ने दिया आश्वासन
वॉक आउट के आयोजक सोशल मीडिया के जरिए मांग कर रहे हैं कि कार्यस्थल पर ज्यादा से ज्यादा पारदर्शिता रहे. यौन उत्पीड़न के मामले पर त्वरित जांच और संज्ञान के लिए गूगल की एचआर यानी ह्यूमन रिसोर्सेज में भी पॉलिसी के स्तर पर बदलाव की बात की मांग उठ रही है. इस बारे में गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने एक बयान जारी कर कंपनी के कर्मचारियों को आश्वस्त करने की कोशिश की है. उनके अनुसार गूगल सभी कर्मचारियों का फीडबैक ले रहा है ताकि विचारों को एक्शन में बदला जा सके. वे कहते हैं- मैं समझता हूं कि आप सभी कैसा महसूस कर रहे होंगे. मैं भी इससे अलग नहीं सोचता और मैं समाज में लंबे वक्त से जड़ जमाए इस मुद्दे खात्मे के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हूं और हां, गूगल में भी ये प्रतिबद्धता वही रहेगी.


क्यों हैं स्टाफ नॉट ओके
हालांकि बुधवार को पूरे स्टाफ को किए गए इस ई-मेल से कर्मचारियों का गुस्सा कम होता नहीं दिखता. गुरुवार से शुरू वॉक आउट में तेजी से पूरी दुनिया के गूगल कर्मचारी जुड़ रहे हैं. लोगों के हाथों में अलग-अलग संदेश लिखे हुए हैं जैसे Not OK google, don’t be evil, Happy to quit for $90 million – no sexual harassment required.



गूगल के कर्मचारी कर रहे विरोध

क्या चाहते हैं गूगल के कर्मचारी
इंटरनेट, सॉफ्टवेयर और कंप्यूटर हार्डवेयर की इस कंपनी का वर्कफोर्स दुनियाभर में फैला हुआ है, जिसमें महिलाओं की भूमिका अहम है. ऐसे में यौन उत्पीड़न के दोषियों या आरोपियों को एग्जिट पैकेज देना महिलाओं के साथ असंवेदनशीलता से अलग नहीं. इसपर यकीन करने वाले लोगों ने ट्विटर पर मुहिम की शुरुआत की. गुरुवार को दुनिया के बड़े हिस्से में वॉकआउट हुआ. जो कर्मचारी इसमें शामिल हुए, वे अपनी डेस्क पर साथियों के लिए नोट लिखा छोड़ गए, जिसके अनुसार “मैं अपनी डेस्क पर नहीं हूं क्योंकि मैं यौन उत्पीड़न, दुर्व्यवहार, पारदर्शिता की कमी और कार्यस्थल की उस संस्कृति का विरोध में हूं जो हर किसी के लिए एक समान नहीं. इस असमानता के विरोध में मैं दूसरे गूगलर्स के साथ हूं.”


नोट में ही गूगल मैनेजमेंट से कई औपचारिक मांगे की गईं, जैसे,
वेतन और अवसरों की असमानता को समाप्त करने की प्रतिबद्धता
यौन उत्पीड़न पारदर्शिता पर सार्वजनिक रिपोर्ट
यौन दुर्व्यवहार को सुरक्षित रूप से और बिना नाम बताए रिपोर्ट करने की सुविधा जो दुनियाभर के दफ्तरों में लागू हो सके
बोर्ड के लिए एक कर्मचारी प्रतिनिधि की नियुक्ति
सभी कर्मचारियों के लिए उत्पीड़न और भेदभाव के मामलों में जबरन की मध्यस्थता का अंत


बन सकता है मील का पत्थर
पूरे विश्व में अपनी पारदर्शिता के लिए जानी जाने वाली कंपनी इससे पहले भी कई मामलों पर कर्मचारियों की राय को सुनने और उसे अहमियत देने के लिए जानी जाती रही है. चाइनीज मार्केट में गूगल का सर्च प्रोडक्ट के फैसले पर भी कर्मचारियों ने विरोध जताया और उसे तवज्जो दी गई. ऐसे में यौन उत्पीड़न जैसे संवेदनशील मामले पर गूगल कर्मचारियों का विरोध बड़ी आबादी को किसी सुखद नतीजे की ओर ले जा सकता है.


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