Sunday, 4 November 2018

दिल्‍ली मुगलों का दिया नाम, बदलकर इंद्रप्रस्‍थ किया जाए- शंकराचार्य वासुदेवानंद


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शहरों के नामों को बदलने की कवायद के बीच शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्‍वती ने केंद्र सरकार के सामने दिल्‍ली का नाम बदलने का प्रस्‍ताव रखा है. राम मंदिर के लिए इकठ्ठे हुए संतों के बीच शंकराचार्य ने कहा कि देश की राजधानी दिल्‍ली का नाम भी मुस्लिम शासकों का दिया हुआ है. इसे भी बदला जाना चाहिए.शंकराचार्य ने कहा कि दिल्‍ली का पुराना नाम इंद्रप्रस्‍थ है. ऐसे में दिल्‍ली का नाम इंद्रप्रस्‍थ ही रखा जाए. इसके आगे उन्‍होंने कहा कि सभी लोग हिन्‍दू हैं और हिन्‍दुत्‍व दिखना चाहिए. संतों को गौ पालन का संदेश देना चाहिए. भारत सरकार को चाहिए कि वह घुसपैठियों को बाहर निकाले और बाहर से जो हिन्दू आते हैं उनकी रक्षा की जाए.


बता दें कि हाल ही में उत्‍तर प्रदेश सरकार ने इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज कर दिया था. मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने तर्क दिया था कि शास्‍त्रों में इस शहर का नाम प्रयागराज था. बाद में मुगल शासकों ने इसे बदलकर इलाहाबाद कर दिया था.


प्रयागराज का नाम बदले जाने के बाद से देश के कई शहरों के नाम बदलने की मांग उठी है. इनमें शिमला का नाम श्‍यामला, लखनऊ का लक्ष्‍मणपुर, अहमदाबाद का कर्णावती और फैजाबाद का अयोध्‍या धाम करने की मांग शामिल है. इससे पहले मुगलसराय का नाम भी बदलकर पंडित दीनदयाल उपाध्‍याय नगर कर दिया था तो गुड़गांव को बदलकर गुरुग्राम किया गया था.

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