READ MORE
डीपी सतीशकर्नाटक में तीन लोकसभा और दो विधानसभा सीटों पर हो रहे उपचुनाव के लिए शनिवार को वोटिंग जारी है. इस उपचुनाव को राज्य में लोकसभा चुनाव के सेमीफाइनल के तौर पर देखा जा रहा है और माना जा रहा है कि इसका असर 2019 के राजनीतिक समीकरण पर भी पड़ेगा. बेल्लारी, शिमोगा और मांड्या लोकसभा सीट एवं रामानगर और जमखंडी विधानसभा सीट पर तीन सांसदों और एक विधायक के इस्तीफे और एक अन्य विधायक की मौत के बाद उपचुनाव हो रहा है.
सत्तारूढ़ जनता दल(सेक्युलर)-कांग्रेस गठबंधन ने बहुत बढ़-चढ़कर चुनाव में भागीदारी नहीं की है. लोकसभा उपचुनाव कराए जाने पर उन्होंने चुनाव आयोग की आलोचना की है. क्योंकि छह महीने बाद ही फिर लोकसभा चुनाव होने हैं. हालांकि उन्होंने सभी पांच सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं. जिसमें गौड़ा के गढ़ मांड्या और रामनगर की सीट पर थोड़ा विरोध भी हुआ.
उपचुनाव में शिमोगा सीट पर बीजेपी ने बीएस येदियुरप्पा के बेटे और पूर्व सांसद बी राघवेंद्र को उम्मीदवार बनाया है. उनके खिलाफ कांग्रेस ने जेडीएस उम्मीदवार और पूर्व विधायक मधु बंगारप्पा का समर्थन किया है. मधु बंगारप्पा के पिता इसी सीट से चार बार सांसद और राज्य के मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं. वह अपने स्वर्गीय पिता के नाम पर वोट मांग रहे हैं जिन्होंने वर्ष 2009 में उनके लिए आखिरी बार चुनाव प्रचार किया था. जेडीएस और कांग्रेस के लिए यह उपचुनाव प्रतिष्ठा की लड़ाई है.रणनीतिक मामले में येदियुरप्पा के लिए यह चुनाव बेहद खास है. अगर उनके बेटे को चुनाव में जीत हासिल होती है तो पार्टी और अधिक सशक्त हो जाएगी. हालांकि मधु बंगारप्पा की उम्मीदवारी ने इस चुनाव को एकतरफा और दिलचस्प बना दिया है.
ये भी पढ़ें: देवगौड़ा ने राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाए जाने का किया समर्थन
बेल्लारी लोकसभा सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खास वीएस उग्रप्पा बीजेपी के मजबूत नेता बी श्रीरामुलु की बहन और पूर्व सांसद जे शांति के खिलाफ कांग्रेस जेडी(एस) के उम्मीदवार हैं. 100 से अधिक कांग्रेस और जेडी(एस) नेताओं ने बेल्लारी में चुनाव प्रचार किया है. जिसमें मतदाताओं से खनन और रेड्डी भाईयों के शासनकाल को खत्म करने का वादा किया गया है. दिलचस्प है कि यहां पर एचडी देवेगौड़ा और सिद्धारमैया ने बड़े जोर शोर से प्रचार किया है.
ये भी पढ़ें: ऑपरेशन कमल 2.0 पर सिद्धारमैया ने बीजेपी को चेताया, कहा- कोमा में है पार्टी
जबकि मांड्या क्षेत्र से गौड़ा का गहरा नाता है. यहां का चुनाव जेडीएस के पक्ष में प्रतीत हो रहा है. हालांकि स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने खुलाया किया है कि मुख्य प्रतिद्वंदी ने कांग्रेस के साथ समझौता कर लिया है. सत्तारूढ़ गठबंधन ने इसे खारिज कर दिया है.
रामानगर विधानसभा सीट से जेडीएस उम्मीदवार के तौर पर सीएम कुमारास्वामी की पत्नी अनीता कुमारास्वामी हैं. उनका रास्ता तब साफ हो गया, जब बीजेपी के उम्मीदवार एल चंद्रशेखरन ने बीजेपी आलाकमान से नाराज होकर अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली और अनीता कुमारास्वामी को अपना समर्थन दे दिया है. इसके बाद जेडीएस ने भी रामनगर में चुनाव प्रचार करना बंद कर दिया.
बागलकोटे जिले के झमखांडी में कांग्रेस ने दिवंगत विधायक के बेटे को उम्मीदवार बनाया है. पिता की मौत के बाद उनके प्रति लोगों की सहानुभूति है. वहीं बीजेपी ने पार्टी के अनुभवी और पूर्व विधायक श्रीकांत कुलकर्णी को मैदान में उतारा है.
उपचुनाव पर राजनीतिक पंडितों के अनुसार मंड्या, रामानगर और शिमोगा में जेडीएस की जीत बीजेपी के लिए अस्थाई झटका होगा और कांग्रेस को लंबे समय तक नुकसान पहुंचाएगी. क्योंकि पार्टी के कार्यकर्ता बीजेपी की तरफ रूख कर सकते हैं.
सत्तारूढ़ गठबंधन को सभी पांच सीटों में जीत का विश्वास है और उन्होंने यह भी घोषणा कर दी है कि यह कर्नाटक में भाजपा के लिए अंत की शुरुआत होगी. हालांकि, बीजेपी का दावा है कि उपचुनाव के परिणाम उनके पक्ष में आएंगे और अगले साल की शुरुआत में आम चुनावों में पार्टी की संभावनाओं को बढ़ावा मिलेगा.
No comments:
Post a Comment