Monday, 2 July 2018

सुषमा स्वराज के ओपिनियन पोल में 53,000 लोगों ने माना कि सही है ट्रोलिंग!


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(राका मुखर्जी)विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्विटर पर एक ओपनियन पोल किया. इसमें उन्होंने अपने फॉलोवर्स से पूछा था कि क्या ट्रोलिंग को सही ठहराया जा सकता है? इस ओपनियन पोल में 57% ने ‘नहीं’ को वोट दिया, 43% लोगों ने ‘हां’ को वोट दिया. इसका मतलब है कि 53,000 से अधिक लोगों को ट्रोलिंग उचित लगा. स्वराज को लखनऊ में पासपोर्ट सेवा केंद्र के अधिकारी विकास मिश्रा के ट्रांसफर होने के कारण ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा. विकास पर आरोप था कि उन्होंने कथित तौर पर एक अंतर-धार्मिक जोड़े को परेशान किया था.


कोई तर्क दे सकता है कि हमें विश्वास खोना नहीं चाहिए क्योंकि ओपिनियन पोल में भाग लेने वाले अधिकांश लोग ट्रोलिंग से सहमत नहीं थे लेकिन यह बेहद दुखद है कि सुषमा स्वराज के खिलाफ बहुत से लोगों को हिंसक भाषा ‘स्वीकार्य’  है.


ये भी पढ़ें: ट्रोलर्स को सुषमा स्वराज का जवाब, आलोचना ज़रूर करो लेकिन सभ्य भाषा ऐसे समय जब हम महिलाओं की सुरक्षा पर चर्चा कर रहे हैं, तो वास्तव में ऑनलाइन स्पेस में महिलाएं कितनी सुरक्षित हैं? दरअसल, तन्वी सेठ नाम की महिला ने ट्विटर के जरिए सुषमा तक अपनी शिकायत पहुंचाई थी कि पासपोर्ट दफ्तर के एक कर्मचारी ने उनका पासपोर्ट एप्लिकेशन इसलिए स्वीकार नहीं किया क्योंकि उनका पति मुस्लिम था, जिसका सरनेम उन्होंने उपयोग किया था. यह उनके पुराने पासपोर्ट से मेल नहीं खा रहा था.




तन्वी के पति ने आरोप लगाया कि उनसे कहा गया कि वह अपनी शादी को ‘स्वीकार्य’ बनाने के लिए धर्म बदलें. इन समाचार रिपोर्टों के बाद, विदेश मामलों के मंत्री ने उन्हें अपने पासपोर्ट सौंप दिए और आधिकारिक के खिलाफ ‘उचित कार्रवाई’ का वादा किया. हालांकि, इसके ठीक बाद, मिश्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वह ‘बस अपना काम कर रहे थे’ जहां उन्हें नामों के बारे में सुनिश्चित होना चाहते थे. इसी के बाद सुषमा स्वराज के खिलाफ ट्रोलिंग शुरू हो गई.


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Article source: http://www.jagran.com/news/national-110-years-later-a-rat-snake-got-from-chhattisgarh-16544723.html

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