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ओडिशा के भद्रक जिले स्थित भंडारीपोखारी ब्लॉक के तहत तेसिंग पंचायत के कुलाना गांव के रमेश नायक ने यह साइकिल बनाकर अपने गांव को गौरवान्वित किया है. रमेश के पिता सुभाष नायक, संगीत के शिक्षक हैं और किसानी करते हैं. उनकी मां प्रमिला नायक, इलेक्ट्रिकल इंजनीयरिंग में डिप्लोमा हैं. रमेश के पिता अपनी गाड़ी के लिए तेल का खर्चा नहीं उठा पा रहे थे, ऐसे में उन्होंने सोलर से चलने वाली साइकिल पर शोध कर उसे बनाया.उन्होंने अपने मिशन को पूरा करने के कई तरीकों की खोज की और अंततः उन्होंने अपने तकनीकी कौशल का उपयोग करके दो महीने में साइकिल विकसित की.राकेश ने एक सौर पैनल, चार 12 वोल्ट बैटरी, 24 वोल्ट डीसी मोटर और साइकिल को स्टार्ट और ऑफ करने के लिए इलेक्ट्रिक एक्सलेटर का इस्तेमाल किया. इसमें हॉर्न और लाइट स्विच भी हैं. साइकिल, पैडल के जरिए भी चलाया जा सकता है. उसने सौर ऊर्जा संचालित साइकिल बनाने और निर्माण के लिए करीब 15,000 रुपये खर्च किए हैं. राकेश ने कहा कि उन्हें अपने इनोवेशन के लिए विभिन्न सराहना मिल रही है.सोलर की यह साइकिल प्रति घंटे 30 किलोमीटर तक चला सकती है, राकेश ने कहा कि यदि किसी भी कंपनी या सरकार से वित्तीय सहायता प्राप्त होती है तो साइकिल को कई और सुविधाओं के साथ अपग्रेड किया जा सकता है.
Article source: http://www.jagran.com/news/national-110-years-later-a-rat-snake-got-from-chhattisgarh-16544723.html
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