Sunday, 29 July 2018

बागमती के जलस्तर में वृद्धि से दहशत


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मुजफ्फरपुर। बागमती के जलस्तर में वृद्धि होने के साथ ही लोगों को बाढ़ का भय सताने लगा है। सभी तटबंध खुाले रहने से ग्रामीणों में दहशत है। बागमती के जलस्तर में एकबार फिर वृद्धि शुरू हो गई है। बाढ़ से पहले बागमती परियोजना के बांधों की मरम्मत तो की गई, लेकिन गांवों की सुरक्षा के लिए बनाए गए जमींदारी बांध में कोई काम नहीं हुआ। कटरा प्रखंड में ऐसे बांधों की संख्या अधिक है। इनका निर्माण ग्रामीणों के सहयोग से वर्षो पूर्व हुआ था। एक दशक पूर्व तक सरकारी योजनाओं से इनकी मरम्मत भी होती रही है, जिससे जमींदारी बांध ग्रामीणों के लिए सुरक्षा कवच का काम करतें थे। वर्ष 2010 के बाद इन बांधों पर खर्च करने की मनाही हो गई। नदी किनारे स्थित अधिकांश गांवों को विस्थापित की श्रेणी में रखा गया। इन्हें सरकारी योजनाओं से भी वंचित कर दिया गया। इस कारण लगभग दर्जन भर जमींदारी बांध जर्जर स्थिति में पहुंच गए हैं। जलस्तर बढ़ने के साथ ही गांवों मे पानी प्रवेश करने का खतरा बना हुआ है।




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हालांकि जलस्तर की रफ्तार अभी धीमी है और गांव में पानी नहीं पहुंचा है। लेकिन, आवागमन की परेशानी शुरू हो गई है। बाढ़ और बरसात का पानी मिलकर आवागमन को दुर्गम बना दिया है। कटरा की उत्तरी पंचायतों में जाना मुश्किल बना है। बाढ़ की आशंका से बकुची, बसघटृा, बरैठा, मोहनपुर, बरदवारा, नवादा, पतांरी, गंगेया, माधोपुर आदि गांवों के लोगों में दहशत हैं।


सिकन्दरपुर में चढ़ा पानी


बारिश के कारण नदियों के जलस्तर में वृद्धि हो रही है। रविवार की शाम सिकन्दरपुर के निचले इलाके में पानी चढ़ने लगा। वहीं बागमती का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार जिले से गुजरने वाली बूढ़ी गंडक व बागमती का जलस्तर अभी पूरी तरह से नियंत्रण में है। जानकारी के अनुसार सिकन्दरपुर का जलस्तर 46.69 मीटर पर चल रहा है। शनिवार को जलस्तर 46.39 मीटर पर था। 24 घंटे में जलस्तर 30 सेंटीमीटर बढ़ा। जबकि खतरे का निशान 52.53 मीटर पर चिन्हित किया गया है। इधर बागमती का जलस्तर कटौंझा में 55.95 मीटर पर पहुंचा। खतरे का निशान 53.73 मीटर पर चिन्हित है। इधर नेपाल के पोखरा में 32.1 मिलीमीटर तथा काठमांडू में 2.9 मिलीमीटर रिकार्ड किया गया। वहीं गंडक बराज में 7 लाख 6 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इधर मुख्य अभियंता ई.अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि नदियों का पानी अभी नियंत्रण में है। बांध की सुरक्षा की जा रही ह्रै।


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By Jagran

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