Sunday, 29 July 2018

आरोपितों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल करने में सीबीआइ दूसरी बार फेल


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मुजफ्फरपुर। नवरुणा मामले की न्यायिक हिरासत में जेल में बंद आधा दर्जन आरोपितों के खिलाफ निर्धारित 90 दिनों के अंदर सीबीआइ चार्जशीट दाखिल नहीं कर सकी। इससे इन आरोपितों को सीआरपीसी की धारा-167 (2) के तहत जमानत का लाभ मिल सकता है। लगभग साढ़े चार साल से जांच कर रही सीबीआइ दूसरी बार निर्धारित 90 दिनों के अंदर चार्जशीट दाखिल करने में फेल हो गई है। इससे पहले एक संदिग्ध आरोपित नगर निगम के वार्ड पार्षद राकेश कुमार सिन्हा के मामले में भी सीबीआइ का यही रवैया रहा। उसे पिछले साल चार सितंबर को पूछताछ के दौरान ही पटना में गिरफ्तार किया गया था। अगले दिन उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया, लेकिन 90 दिनों के अंदर चार्जशीट दाखिल नहीं की। इससे उसे जमानत मिल गई।




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ये आरोपित हैं न्यायिक हिरासत में : सीबीआइ ने प्रॉपर्टी डीलर सह बिल्डर ब्रजेश ंिसंह, जिला परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष शाह आलम शब्बू्र, निजी अस्पताल के प्रोपराइटर विक्रांत शुक्ला उर्फ विक्कू शुक्ला, होटल व्यवसायी अभय गुप्ता, मार्बल व्यवसायी विमल अग्रवाल व अंडीगोला निवासी राकेश कुमार सिंह को 28 अप्रैल को पूछताछ के लिए बुलाया। उसी दिन सभी को गिरफ्तार कर लिया। अगले दिन 29 अप्रैल को मुजफ्फरपुर के विशेष सीबीआइ कोर्ट में सभी को पेश किया। जहां से सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया।


सोमवार को दाखिल हो सकती जमानत की नई अर्जी : चार्जशीट दाखिल नहीं किए जाने पर आरोपितों ने शनिवार को ही जमानत की अर्जी दाखिल की थी। 90 वें दिन ही जमानत की अर्जी दाखिल किए जाने के कारण विशेष कोर्ट ने इसे पोषणीय नहीं माना और खारिज कर दिया। अब आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं किए जाने पर आरोपितों की ओर से सोमवार को जमानत की नई अर्जी विशेष कोर्ट में दाखिल की जा सकती है।


By Jagran

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