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भयानक बाढ़ से जूझ रहे केरल को केंद्र सरकार से पूरी आर्थिक सहायता पैकेज पाने के लिए कुछ महीने का इंतजार करना पड़ सकता है. इसकी वजह यह है कि बाढ़ से हुए नुकसान का सही हिसाब लगाने और राहत पैकेज जारी करने में समय लगता है.गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि शुरुआती राशि जारी करने के बाद किसी भी राज्य को प्राकृतिक आपदा के लिए अंतिम सहायता राशि जारी करने के लिए केंद्र सरकार कुछ निश्चित नियमों और निर्देशों का पालन करता है.
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अधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, केरल में बाढ़ से मरने वालों की संख्या आठ अगस्त से अब तक 293 हो गई है, वहीं 15 लोग लापता हैं. वहीं केंद्र सरकार ने अब तक केरल को 600 करोड़ रुपये जारी किए हैं.आपदा राहत कोष के मौजूदा नियम के अनुसार सामान्य कैटेगरी वाले राज्य के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष में केंद्र सरकार का योगदान 75 फीसदी होता है और विशेष दर्जे वाले राज्य के लिए 90 फीसदी होता है. हर वित्त वर्ष में दो बार जून और दिसंबर में राशि जारी की जाती है.
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केंद्र सरकार अगर किसी आपदा को लेकर आश्वस्त होती है कि इस आपदा के लिए तत्काल राशि जारी करना जरूरी है तो वह केंद्र के हिस्से की राशि जल्दी जारी करने की सिफारिश कर सकती है, लेकिन वह भी अगले साल राज्य को मिलने वाली राशि का सिर्फ 25 फीसदी ही जारी करेगा.
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया में सामान्य तौर पर तीन से छह महीने का समय लगता है, इसलिए इसमें देरी होती है. 21 अगस्त को केंद्र सरकार ने केरल सरकार को तत्काल सहायता राशि के तौर पर 600 करोड़ रुपये जारी किए थे.
Article source: http://hindi.news18.com/news/desh/long-que-outside-banks-and-atms-527113.html
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