Thursday, 2 August 2018

यमुना का जलस्तर घटा, पर बीमारियां फैलने की आशंका


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बारिश के चलते यमुना के बढ़ते जलस्तर में फिलहाल कमी होती हुई दिख रही है. फिलहाल यमुना अपने खतरे के निशान से 204 मीटर नीचे बह रही है. जलस्तर कम होने की वजह से दिल्ली में बाढ़ आने की संभावना भी टल गई है. विवेक विहार के एसडीएम राजेश चौधरी ने बताया कि फिलहाल दिल्ली में बाढ़ आने की संभावना टल गई है जिस तरीके से लगातार यमुना के जलस्तर में कमी आ रही है उसे उम्मीद है कि अब सब कुछ ठीक हो जाएगा. उन्होंने बताया कि जिन लोगों को यमुना के निचले इलाकों से कैंप में शिफ्ट किया गया था अब उन लोगों को वापस उनके घरों में भेजा जा रहा है.ये भी पढ़ेंः यमुना का जलस्तर खतरे के निशान के करीब, किसानों की हजारों बीघा फसल नष्ट


एसडीएम ने यह भी बताया कि पिछले 3 दिन से बंद लोहे वाले पुल को गुरुवार शाम 5 बजे के बाद खोल दिया जाएगा. लोहे वाले पुल पर यातायात फिर से शुरू हो सकेगा ताकि गीता कॉलोनी से राजघाट की ओर बढ़ने वाले ट्रैफिक में कमी आए. यमुना के बढ़ते जल स्तर में ज़रूर गिरावट आई है लेकिन जल स्तर कम होने के बाद संक्रमण बढ़ने की आशंका बढ़ गई है जिससे त्वचा संबंधी और डायरिया जैसी बीमारियां बढ़ सकती हैं. राजेश चौधरी ने यह भी बताया कि इनसे बचने के लिए एमसीडी लगातार फॉगिंग कर रही है ताकि मच्छर न पनप सकें.


ये भी पढ़ेंः पानी में डूबने की कगार पर दिल्ली के कुछ इलाके, यमुना के आसपास लोगों का काम हुआ चौपटशास्त्री पार्क के यमुना पुस्ते खादर में बाढ़ का पानी कम होता जरूर दिखाई दे रहा है, जिसकी वजह से जो वाहन बाढ़ के पानी में पूरी तरीके से डूबे हुए थे वह नज़र आने लगे हैं. पानी कम होने पर खादर इलाके में झुग्गी डाल के रहने वाले लोगों ने राहत की सांस ली है लेकिन पर्याप्त सुविधा न मिलने को लेकर नाराजगी बरकरार है. हालांकि, वजीराबाद की ओर पानी अभी पूरी तरीके से कम नहीं हुआ है. बाढ़ के पानी की वजह से यह सड़क नजर नहीं आ रही.


सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन की ओर से रास्ता पूरी तरह से बंद कर दिया गया है.  लोगों को रास्ता खोलने का बेसब्री से इंतजार है. सड़क बंद हो जाने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

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