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जम्मू कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी (जेकेएनपीपी) ने बुधवार को दावा किया कि रोहिंग्या और अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की मौजूदगी देश में भयावह स्थिति को जन्म दे सकती है. पार्टी ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह इन लोगों को वापस भेजने में हिचकिचा रही है. साथ ही, राज्य से उन्हें फौरन निष्कासित करने की भी मांग की.जेकेएनपीपी ने बुधवार यहां प्रदर्शन करते हुए अवैध प्रवासियों को राज्य से बगैर देर किए वापस भेजने की मांग की. पार्टी ने सरकार से कहा, ‘बात मत करिए, कार्रवाई करिए.’
जेकेएनपीपी कार्यकर्ताओं ने राज्य में अवैध प्रवासियों के खिलाफ जनाक्रोश होने का दावा करते हुए जम्मू क्षेत्र में रोहिंग्या और अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों के प्रति आंखें मूंदे रखने को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार और राज्य में पिछली पीडीपी नीत गठबंधन सरकार, दोनों के खिलाफ नारेबाजी की.
प्रदर्शन का नेतृत्व पार्टी प्रमुख हर्ष देव सिंह ने किया. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने अवैध प्रवासियों को अपने-अपने देश वापस भेजने के लिए भाजपा नीत केंद्र सरकार से ठोस और त्वरित कार्रवाई की मांग की.बाद में मीडिया को संबोधित करते हुए पार्टी प्रमुख ने दावा किया कि जब-जब अवैध प्रवासियों को वापस भेजने की मांग की जाती है, केंद्रीय गृह मंत्रालय यह घिसा पिटा जवाब देता है कि राज्यों को उन लोगों का बायोमेट्रिक ब्यौरा एकत्र करने को कहा गया है.
उन्होंने कहा कि अवैध प्रवासियों के मुद्दे पर गृह मंत्रालय के संसद में दिए ताजा जवाब से यह पता चलता है कि राज्य में अवैध रूप से बसे विदेशियों को निष्कासित करने के लिए अब तक कोई कार्रवाई शुरू नहीं की गई है.
हर्ष देव सिंह ने इस मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह और गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू की कथित निष्क्रियता तथा घिसे पिटे जवाबों को लेकर उन्हें आड़े हाथ लेते हुए कहा कि, ‘‘रोहिंग्याओं की संख्या पर सूचना हासिल करने में गृह मंत्रालय को इतनी देर क्यों लग रही है? आप उनकी पहचान कब करेंगे और उन्हें म्यामां वापस कब भेजेंगे?
उन्होंने पीडीपी, भाजपा, नेकां और कांग्रेस सहित राज्य की सभी प्रमुख पार्टियों पर राज्य में रोहिंग्याओं के बसने को प्रोत्साहन देने का आरोप लगाया.
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