Thursday, 2 August 2018

मोची के मार्केटिंग स्किल के दीवाने हुए आनंद महिंद्रा, गिफ्ट की अनोखे डिजाइन वाली नई दुकान


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‘जख्मी जूतों का अस्पताल’ आपको ट्विटर का ये पोस्ट याद होगा. महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने इस साल अप्रैल में ट्विटर पर एक फोटो शेयर की थी. इसमें एक मोची की दुकान पर बड़ा सा पोस्टर लगा था, जहां लिखा था ‘जख्मी जूतों का अस्पताल’. जैसे ही आनंद महिंद्रा ने पोस्ट को शेयर किया कुछ ही घंटों में वायरल हो गया था.इस मोची के कामकाज के तरीके को देख कर आनंद महिंद्रा इनके दीवाने हो गए थे. इसके बाद उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा था कि इस व्यक्ति को तो इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट में मैनेजमेंट का टीचर होना चाहिए.




महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन ने ट्वीट करते हुए लिखा था कि उन्हें ये फोटो व्हाट्सएप पर मिली है. वे ये नहीं जानते कि ये फोटो कहां की है और कितनी पुरानी है. फिर भी अगर कोई इन्हें जानता हो और अगर ये अभी भी ये काम कर रहे हों तो मैं इनके काम के तरक्की के लिए एक छोटा निवेश करना पसंद करूंगा.




आखिरकार कई दिनों की तलाश के बाद उनकी टीम ने इस मोची को ढूंढ़ लिया. इसका नाम है नरसीराम. महिन्द्रा की टीम को नरसीराम जींद में मिले. जिसके बाद आनंद महिंद्रा ने नरसीराम से पूछा कि वे किस प्रकार उनकी मदद कर सकते हैं. उन्होंने काम करने के लिए बेहतर जगह की जरूरत बताई. महिन्द्रा की टीम ने उसके लिए नई चलती-फिरती दुकान बना दी. आनंद महिंद्रा ने अपने ताजा ट्वीट में इस कियोस्क की तस्वीर पोस्ट की है. नरसीराम ने अपने लिए एक कियोस्क की मांग की थी. उन्होंने लिखा है कि जल्द ही ये  दुकान उन्हें दे दी जाएगी.




नरसीराम का पटियाला चौक पर तोरणद्वार के साथ लगा ‘‘जख्मी जूतों का अस्पताल’’ का बोर्ड हर राहगीर का ध्यान अपनी ओर खींचता है. नरसीराम टूटे हुए जूतों, चप्पलों की मरम्मत और पॉलिश का काम करते हैं. उनके पास सर्जन बॉक्स के नाम से एक पेटी है, जिसमें दर्जन भर से ज्यादा ब्रश, पॉलिश की कई तरह की डिब्बी, जूतों की मरम्मत में काम आने वाले औजार रखे हुए हैं.


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