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‘जख्मी जूतों का अस्पताल’ आपको ट्विटर का ये पोस्ट याद होगा. महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने इस साल अप्रैल में ट्विटर पर एक फोटो शेयर की थी. इसमें एक मोची की दुकान पर बड़ा सा पोस्टर लगा था, जहां लिखा था ‘जख्मी जूतों का अस्पताल’. जैसे ही आनंद महिंद्रा ने पोस्ट को शेयर किया कुछ ही घंटों में वायरल हो गया था.इस मोची के कामकाज के तरीके को देख कर आनंद महिंद्रा इनके दीवाने हो गए थे. इसके बाद उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा था कि इस व्यक्ति को तो इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट में मैनेजमेंट का टीचर होना चाहिए.
Got it on whatsapp. No idea who or where he is or how aged this pic is. If anyone can find him and he’s still doing this work I’d like to make a tiny investment in his ‘startup’. https://t.co/A8kdJTvAN1
— anand mahindra (@anandmahindra) April 17, 2018
महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन ने ट्वीट करते हुए लिखा था कि उन्हें ये फोटो व्हाट्सएप पर मिली है. वे ये नहीं जानते कि ये फोटो कहां की है और कितनी पुरानी है. फिर भी अगर कोई इन्हें जानता हो और अगर ये अभी भी ये काम कर रहे हों तो मैं इनके काम के तरक्की के लिए एक छोटा निवेश करना पसंद करूंगा.
Recall my chatter about Narseeji,the cobbler?Our group in Harayana met himasked how we could help.A simplehumble man.Instead of seeking for money,he pronounced he indispensable a good workspace. we asked a Design Studio group from Mumbai to pattern a kiosk that was functionalyet aesthetic.(1/2) pic.twitter.com/Oefr69yAy1
— anand mahindra (@anandmahindra) April 28, 2018
आखिरकार कई दिनों की तलाश के बाद उनकी टीम ने इस मोची को ढूंढ़ लिया. इसका नाम है नरसीराम. महिन्द्रा की टीम को नरसीराम जींद में मिले. जिसके बाद आनंद महिंद्रा ने नरसीराम से पूछा कि वे किस प्रकार उनकी मदद कर सकते हैं. उन्होंने काम करने के लिए बेहतर जगह की जरूरत बताई. महिन्द्रा की टीम ने उसके लिए नई चलती-फिरती दुकान बना दी. आनंद महिंद्रा ने अपने ताजा ट्वीट में इस कियोस्क की तस्वीर पोस्ट की है. नरसीराम ने अपने लिए एक कियोस्क की मांग की थी. उन्होंने लिखा है कि जल्द ही ये दुकान उन्हें दे दी जाएगी.
Remember a cobbler Narsi Ram with a innovative ensign ‘Zakhmi Jooton Ka Hospital?’ Our group had contacted him conveyed my seductiveness to deposit in him.He pronounced he wanted a good kiosk. This is what a Design studio in Mumbai came adult with:Great work guys! Will be delivered shortly pic.twitter.com/wDgKDPoeHr
— anand mahindra (@anandmahindra) August 1, 2018
नरसीराम का पटियाला चौक पर तोरणद्वार के साथ लगा ‘‘जख्मी जूतों का अस्पताल’’ का बोर्ड हर राहगीर का ध्यान अपनी ओर खींचता है. नरसीराम टूटे हुए जूतों, चप्पलों की मरम्मत और पॉलिश का काम करते हैं. उनके पास सर्जन बॉक्स के नाम से एक पेटी है, जिसमें दर्जन भर से ज्यादा ब्रश, पॉलिश की कई तरह की डिब्बी, जूतों की मरम्मत में काम आने वाले औजार रखे हुए हैं.
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