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महिला सुरक्षा को लेकर अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश की नारी शक्ति के खिलाफ़ कोई भी सभ्य समाज किसी भी तरह का अन्याय को बर्दाश्त नहीं कर सकता और इसी मकसद से दुष्कर्म के दोषियों के खिलाफ कठोर कानून बनाया गया है और मुस्लिम महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए तीन तलाक से जुड़े विधेयक को संसद से मंजूरी दिलाने की कोशिश की जा रही है.प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में कहा, ‘देश की नारी शक्ति के खिलाफ़ कोई भी सभ्य समाज किसी भी प्रकार के अन्याय को बर्दाश्त नहीं कर सकता.’ प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकसभा में तीन तलाक़ संबंधी बिल को पारित कर दिया गया है, हालांकि राज्यसभा के इस सत्र में इसे पारित कराना संभव नहीं हो पाया है. उन्होंने कहा, ‘मैं मुस्लिम महिलाओं को विश्वास दिलाता हूं कि पूरा देश उन्हें न्याय दिलाने के लिए पूरी ताक़त से साथ खड़ा है.’
प्रधानमंत्री मोदी ने इसके साथ ही कहा कि बलात्कार के दोषियों को देश सहन करने के लिए तैयार नहीं है, इसलिए संसद ने आपराधिक कानून संशोधन विधेयक को पास कर कठोरतम सज़ा का प्रावधान किया है.’ हता दें कि दुष्कर्म के दोषियों को कम-से-कम 10 साल की सज़ा होगी, वहीं 12 साल से कम उम्र की बच्चियों से बलात्कार होने पर फांसी की सज़ा होगी.
पीएम मोदी ने कहा कि कुछ दिन पहले आपने अख़बारों में पढ़ा होगा मध्य प्रदेश के मंदसौर में एक अदालत ने सिर्फ़ दो महीने की सुनवाई के बाद नाबालिग़ से बलात्कार के दो दोषियों को फांसी की सज़ा सुनाई है. इसके पहले मध्य प्रदेश के कटनी में एक अदालत ने सिर्फ़ पांच दिन की सुनवाई के बाद दोषियों को फांसी की सज़ा दी. राजस्थान में भी वहां की अदालतों ने ऐसे ही त्वरित निर्णय किए हैं. उन्होंने कहा कि यह कानून महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ़ अपराध के मामलों को रोकने में प्रभावी भूमिका निभाएगा. सामाजिक बदलाव के बिना आर्थिक प्रगति अधूरी है.प्रधानमंत्री ने कहा कि जब हम देशहित में आगे बढ़ते हैं तो ग़रीबों, पिछड़ों, शोषितों और वंचितों के जीवन में बदलाव लाया जा सकता है. प्रधानमंत्री ने कहा कि मॉनसून सत्र में इस बार सभी ने मिलकर एक आदर्श प्रस्तुत कर दिखाया है. वे देश के सभी सांसदों का सार्वजनिक रूप से आज हृदय से आभार व्यक्त करते हैं.
Article source: http://hindi.news18.com/news/desh/long-que-outside-banks-and-atms-527113.html
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