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सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के खिलाफ मंदिर के बाहर विरोध प्रदर्शन को लेकर केरल पुलिस की गिरफ्तारियों का दौर जारी है. पुलिस अब तक 2000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. शुक्रवार को इस मामले की केरल हाईकोर्ट में सुनवाई है, जहां कोर्ट ने सरकार को सख्त चेतावनी दी.हाईकोर्ट ने केरल सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर एक भी निर्दोष व्यक्ति गिरफ्तार हुआ तो उसके लिए भारी कीमत चुकानी पड़ेगी. जस्टिस पीआर रामचंद्र मेनन और देवन रामचंद्रन की एक खंडपीठ ने कहा कि गिरफ्तारी तभी होनी चाहिए जब जांच में व्यक्ति की हिंसा में भागीदारी की पुष्टि हो जाए.
बता दें कि 17 अक्टूबर को सबरीमाला मंदिर में ‘रजस्वला’ आयुवर्ग की महिलाओं के प्रवेश संबंधी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राज्य में बड़े पैमाने पर उग्र प्रदर्शन किए गए. सुप्रीम कोर्ट ने दस से 50 वर्ष उम्र वर्ग की महिलाओं के मंदिर में प्रवेश पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया था.
ये भी पढ़ें: सबरीमाला मंदिर को जबरन बंद कराने के लिए कार्यकर्ताओं ने की थी खूनी साजिश: राहुल ईश्वरपांच दिनों तक खुले रहने के बाद सोमवार को सबरीमाला मंदिर को एक महीने के लिए बंद कर दिया गया. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद भारी विरोध प्रदर्शनों के चलते पांच दिनों में एक भी महिला मंदिर में प्रवेश नहीं कर पाई.
बुधवार को पुलिस ने प्रदर्शन करने वाले लोगों के खिलाफ अभियान चलाया और अबतक लगभग 2061 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. वहीं पूरे राज्य में 452 केस दर्ज किए गए हैं. इसके अलावा 210 लोगों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है.
इन गिरफ्तारियों के खिलाफ सबरीमाला मंदिर के दो आचार्यों ने केरल हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. बता दें कि इससे पहले केरल के मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन ने विरोध प्रदर्शन को ‘योजनाबद्ध’ और ‘जानबूझकर’ केरल में तनाव का माहौल पैदा करने की कोशिश करार दिया था. उन्होंने इस हिंसा के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को दोषी ठहराया था.
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Article source: http://khabar.ibnlive.com/news/khel/afridi-wants-pcb-to-stop-pushing-for-india-series-410039.html
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