Saturday, 27 October 2018

2019 लोकसभा चुनाव: गठबंधन के लिए विपक्षी नेताओं से मिले चंद्रबाबू नायडू


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आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री और टीडीपी प्रमुख एन. चन्द्रबाबू नायडू ने शनिवार को विश्वास जताया कि ‘‘राजनीतिक मजबूरी’’ 2019 के चुनाव में राजग के खिलाफ लड़ने के लिए सभी गैर-भाजपा दलों को साथ ले आएगी. राष्ट्रीय राजधानी में विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं से मिलने के बाद नायडू ने कहा कि भरोसेमंद विकल्प मुहैया बनाने में वह सहायक की भूमिका निभा सकते हैं.नायडू ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘सिर्फ राजनीतिक मजबूरी और देश के हित में सभी पार्टियां साथ आएंगी. कुछ शायद चुनाव के पहले साथ ना आएं, कुछ शायद चुनाव के बाद शामिल होंगे.’’


नायडू ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल अभी बीजेपी के दबाव के कारण गठबंधन में शामिल होने से डर रहे हैं. उन्होंने कहा कि ‘‘लोकतांत्रिक मजबूरियों’’ के कारण उन्हें कुछ नेताओं से भी मिलना होगा.


उन्होंने इस बात पर बल दिया कि वैकल्पिक मोर्चा के गठन के लिए किसी को उपत्प्रेरक बनना होगा. उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविन्द केजरीवाल पहले से ही इस दिशा में काम कर रहे हैं.नायडू ने कहा कि वे प्रधानमंत्री बनने में इच्छुक नहीं है. उन्होंने कहा कि टीडीपी ऐसे राज्य की क्षेत्रीय पार्टी है जहां 25 लोकसभा सीटें हैं और उनकी भूमिका सीमित है.


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टीडीपी इस साल मार्च तक एनडीए का हिस्सा थी, लेकिन केंद्र सरकार द्वारा आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग खारिज होने पर वह एनडीए से अलग हो गई. नायडू ने शनिवार को बसपा प्रमुख मायावती, नेशनल कॉफ्रेंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष फारूख अब्दुल्ला, पूर्व बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की.


नायडू ने कहा कि अगर नेता कार्यकुशल होंगे तो गठबंधन सरकार में भी विकास हो सकता है. इसी के साथ उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि जबसे टीडीपी, एनडीए से अलग हुई है केंद्र आंध्र प्रदेश की और अधिक उपेक्षा कर रहा है और आंध्र प्रदेश पुनर्निर्माण के तहत जिस फंड को देने का वायदा किया था उसे रिलीज नहीं कर रहा है.


‘आर्थिक संकट’ पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए नायडू ने कहा कि एनडीए सरकार के अंतर्गत नोटबंदी का कार्यान्वयन, बढ़ते एनपीए और फ्रॉड ने आर्थिक विकास को कम कर दिया है, जिससे निवेशकों ने आत्मविश्वास खो दिया है. उन्होंने कहा कि तेल की बढ़ती कीमतें देश को लोगों को प्रभावित कर रही है.


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(भाषा इनपुट के साथ) 


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