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अगर आज लोकसभा चुनाव होते हैं तो बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए फिर से केंद्र की सत्ता में लौटेगा. एक सर्वे में यह दावा किया गया है. एबीपी न्यूज-सी वोटर के ओपिनियन पोल में कहा गया है कि आज चुनाव होने पर एनडीए को 276 सीटें मिल सकती हैं जो कि बहुमत से थोड़ी सी ज्यादा है. वहीं कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए को 112 सीटों पर ही संतोष करना पड़ सकता है. अन्य पार्टियों के खाते में 155 सीटें जा सकती हैं. बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनावों में एनडीए को 543 में से 336 सीटें मिली थी और इनमें बीजेपी ने 282 जीती थी. इस लिहाज से उसे काफी नुकसान होगा लेकिन सत्ता की चाबी उसके हाथ में रहेगी.इस सर्वे में तीन तरह की संभावनाओं- 2014 की तरह चुनाव, महागठबंधन और बिना कांग्रेस का महागठबंधन, के आधार पर सीटों का आंकलन किया गया है. इसकी माने तो महागठबंधन होने पर बीजेपी को भारी नुकसान हो सकता है. वहीं 2014 वाली स्थिति बनी रहने पर बीजेपी आराम से सरकार बना ले जाएगी.
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में अगले कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं. यहां पर बीजेपी सत्ताविरोधी लहर का सामना कर रही है. हालांकि इस सर्वे में कहा गया है कि लोकसभा चुनाव में बीजेपी को यहां से अच्छी खासी सीटें मिलेंगी.
यूपी में गठबंधन न होने पर बीजेपी 80 में से 70 सीटें जीत सकती हैं. लेकिन महागठबंधन होने पर उसे नुकसान होगा और उसका आंकड़ा 36 सीट पर अटक सकता है. वहीं महागठबंधन को 42 सीटें मिल सकती है जबकि अलग-अलग लड़ने पर 10 सीटों से संतोष करना होगा.
बिहार और महाराष्ट्र में भी कमोबेश यही हाल है. बिहार में एनडीए का वर्तमान चेहरा चुनाव में उतरता है तो 31 सीट जीत सकता है. बाकी की यूपीए को मिलेगी. लेकिन राम विलास पासवान की लोजपा और उपेंद्र कुशवाह की रालोसपा छिटकी तो बाजी यूपीए मार ले जाएगा.
ओडिशा में बीजेपी नवीन पटनायक के वोटबैंक में बड़ी सेंध लगा सकती है. यहां पर भगवा दल को 21 में से 13 सीट मिलने की बात कही गई है. पटनायक की बीजू जनता दल को केवल छह ही सीट दी गई है. इसी तरह उत्तर-पूर्व के सात राज्यों में एनडीए 25 में से 18 सीट अपनी झोली में डाल सकता है.
पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के लिए कहा गया है कि यहां पर क्रमश: कांग्रेस और बीजेपी को फायदा होगा. आप के लिए यह सर्वे खतरे की घंटी बजाता है. वहीं दक्षिण भारत में मोर्चा कांग्रेस व बीजेपी से इतर दूसरे दलों के हाथ में होगा.
सर्वे कहता है कि प्रधानमंत्री पद के लिए अभी भी नरेंद्र मोदी पहली पसंद है. हालांकि राहुल गांधी की लोकप्रियता भी बढ़ रही है लेकिन वह अभी भी काफी पीछे हैं.
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