Sunday, 28 October 2018

कांग्रेस का आरोप, सरकार और सीवीसी ने मिलकर की सीबीआई प्रमुख पर कार्रवाई


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कांग्रेस ने शनिवार को आरोप लगाया कि सीबीआई प्रमुख आलोक वर्मा के अधिकार छीनने में सरकार और केन्द्रीय सतर्कता आयोग के बीच सांठगांठ है और राफेल सौदे की जांच को ठंडे बस्ते में डालने के लिए यह षडयंत्र रचा गया है. विपक्षी दल ने सवाल किया कि सीवीसी आयुक्त केवी चौधरी ने इस मुद्दे पर 23 अक्टूबर की रात आपात बैठक करने के लिए पहले से तय अपनी विदेश यात्रा क्यों रद्द की और वर्मा के खिलाफ ‘गैरकानूनी’ आदेश क्यों जारी किया.हालांकि कांग्रेस के आरोपों पर अभी तक सीवीसी या प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव अशोक गहलोत के साथ संयुक्त रूप से संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पार्टी के मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने दावा किया कि देर रात कई नाटक हुए जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सीवीसी के साथ मिलकर संविधान के साथ धोखा किया और अब सबकुछ लोगों के सामने है.


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सीबीआई निदेशक वर्मा और सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के बीच चल रहे आरोप-प्रत्यारोपों के दौर के बीच सरकार ने 24 अक्टूबर को तड़के दोनों की शक्तियां छीन लीं. दोनों के खिलाफ यह कार्रवाई सीवीसी की सिफारिश पर की गई. सुरजेवाला ने दावा किया, ‘चौधरी को 23 अक्टूबर (गुरुवार) की शाम डेनमार्क की यात्रा पर जाना था. उन्होंने अचानक अपनी यात्रा रद्द कर दी और रात में सीवीसी की बैठक बुलाई.’ये भी पढ़ें: छत्तीसगढ़ चुनाव: कांग्रेस के 37 प्रत्याशियों का ऐलान, जानें किसे कहां से मिला टिकट?


उन्होंने दावा किया कि सीवीसी के आदेश का अंदाजा लगाकर उसी रात करीब 11 बजे सीबीआई के संयुक्त निदेशक एम. नागेश्वर राव को जांच एजेंसी के मुख्यालय भेजा गया. राव अब सीबीआई के अंतरिम प्रमुख हैं.


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