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सरकार द्वारा छुट्टी पर भेजने के फैसले के खिलाफ सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. आईए एक नज़र डालते हैं कि इस केस में कौन किसकी पैरवी कर रहा हैफली एस नरीमन: सीनियर ऐडवोकेट और संविधान विशेषज्ञ फली एस नरीमन फाली सुप्रीम कोर्ट में आलोक वर्मा का पक्ष रख रहे हैं. नरीमन ने इस साल जुलाई में पूर्व चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा पर निशाना साधा था. उन्होंने कहा था दीपक मिश्रा संस्था का बचाव करने में असफल रहे हैं. उन्हें उन 4 जजों के पास जाना चाहिए जिन्होंने जनवरी में प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कोर्ट प्रशासन के खिलाफ आवाज उठाई.
संजय हेगड़े वर्मा: सुप्रीम कोर्ट में आलोक वर्मा का पक्ष रखेंगे. कोर्ट में वर्मा का केस एडवोकेट गोपाल शंकर नारायणन ने फाइल किया है.
तुषार मेहता: सीवीसी की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता अपना पक्ष रखे रहे हैं.मुकुल रोहतगी: विशेष निदेशक राकेश अस्थाना की तरफ से पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी सुप्रीम कोर्ट में पेश हो रहे हैं.
प्रशांत भूषण: एनजीओ ‘कॉमन कॉज’ की तरफ से वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण खड़े हैं.
चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एस के कौल और जस्टिस के एम जोसेफ की पीठ वर्मा की याचिका पर सुनवाई कर रही है. इस सुनवाई से पहले शुक्रवार शाम को सीबीआई ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए बताया कि वर्मा और अस्थाना को उनके पद से हटाया नहीं गया है. आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना सीबीआई के डायरेक्टर और स्पेशल डायरेक्टर के पद पर बने रहेंगे.
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