Sunday, 28 October 2018

आधी रात को CBI पर ऑर्डर: केंद्रीय मंत्री बोले, '24 घंटे काम करती है सरकार'


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CBI विवाद पर पहली बार टिप्पणी करते हुए केंद्रीय कार्मिक मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि CBI डायरेक्टर आलोक वर्मा और CBI स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना को लेकर जो फैसला लिया गया, वो CBI की अखंडता (Integrity) को कायम रखने के लिए लिया गया.न्यूज़18 से एक्सक्लूसिव बातचीत में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि CBI पर आधी रात के आर्डर पर सवाल खड़े करने वालों को 10 से 4 बजे तक काम करने वाली सरकारों की आदत थी. लेकिन मोदी सरकार 24 घंटे काम करती है और बहुत से फैसले रात को भी लेती है. क्या जो फैसला रात को हो, उन्हें नकार दिया जाए?


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राहुल गांधी के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि इस फैसले को राफेल से जोड़ने का कोई आधार और प्रमाण नहीं है. उन्होंने कहा कि बार-बार राफेल का आरोप लगाने से राहुल और कांग्रेस कामयाब नहीं होगी.पार्टियों का नहीं, पीएम उम्मीदवारों का महागठबंधन
डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा की महागठबंधन उन लोगों का गठजोड़ है जो जानते हैं कि वो पीएम मोदी का मुकाबला नहीं कर सकते. हताश होकर वो एकजुट होना चाह रहे हैं, लेकिन पीएम मोदी की लोकप्रियता से ये लोग परेशान हैं. इन पार्टियों को एक महत्वकांक्षा साथ ला रही है. यह राजनीतिक पार्टियों का महागठबंधन नहीं बल्कि पीएम उम्मीदवारों का महागठबंधन है.


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सबरीमाला पर अमित शाह के बयान के पीछे एक बड़ी सोच
सबरीमाला विवाद पर डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि समानता के अधिकार का आस्था से क्या संबंध है, यह भी एक दृष्टिकोण है. उन्होंने कहा कि मैं राजपूत समुदाय से हूं और हमारे समुदाय में महिलाएं किसी के देहांत पर अंतिम संस्कार पर नहीं जाती, केवल पुरुष जाते हैं. यह उनका एक विश्वास है, एक रिवायत है जो बरसों से चल रही है. अब कोई उसको भी समानता के अधिकार का हनन बताए तो फिर अनेकों सवाल खड़े हो जाएंगे. यह चर्चा का एक पहलू है. जो अमित शाह ने कहा है, उसके पीछे बहुत बड़ी सोच है, जिसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता.


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सवाल खड़े करने से पहले इस्तीफा दें फ़ारूक अब्दुल्ला
केन्द्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि कश्मीर में स्थानीय निकाय चुनाव बहुत कामयाब रहे. राज्य का कुल वोटर टर्नआउट 50-60 % रहा. महज श्रीनगर शहर के कुछ हिस्सों में वोट प्रतिशत कम रहा, लेकिन हम पर आरोप लगाने वालों की सरकारों में भी ऐसा ही वोट प्रतिशत रहा. नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फ़ारूक़ अब्दुल्ला 6% वोट प्रतिशत से सांसद बन जाते हैं, वो उनको गंवारा है, लेकिन पूरे राज्य में 50-60% वोट प्रतिशत उन्हें गंवारा नहीं. अगर यही पैमाना है तो पहले फ़ारूक़ अब्दुल्ला को सांसद पद से इस्तीफा देना चाहिए और दोबारा चुनाव लड़ना चाहिए.


पत्थरबाज़ी से जवान की मौत पर खामोशी क्यों?
कश्मीर में पत्थरबाज़ी के चलते एक जवान शहीद हो गया, लेकिन इसकी निंदा में एक शब्द भी नहीं आया. ऐसे बयान आ रहे हैं जैसे कि वो जवान अपनी मौत का खुद ज़िम्मेदार है. यह कहां का इंसाफ है, कहां की तहज़ीब है? डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि पत्थरबाजों के खिलाफ कार्रवाई तो होनी ही चाहिए, लेकिन उन लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए जो खामोशी का षड्यंत्र कर रहे हैं. इनकी चुप्पी से ही पत्थरबाजों की हौसलाअफजाई होती है.


Article source: http://rss.cnn.com/~r/rss/edition_entertainment/~3/osV3xLHtiDw/index.html

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