Wednesday, 3 October 2018

J&K निकाय चुनाव में बीजेपी ने पूर्व आतंकी को दिया टिकट


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जम्मू-कश्मीर के चुनावी इतिहास में पहली बार भारतीय जनता पार्टी के कश्मीर घाटी में कम से कम सात नगरपालिका समितियों पर जीत दर्ज करने की संभावना है. जम्मू-कश्मीर में करीब सात साल बाद हो रहे स्थानीय निकाय के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के 60 उम्मीदवारों ने निर्विरोध जीत दर्ज की है. हालांकि इस चुनाव में बीजेपी के उम्मीदवार को लेकर भी काफी विवाद भी खड़ा हो गया है.भारतीय जनता पार्टी ने पाकिस्तान में ट्रेनिंग लिए एक पूर्व आतंकी को भी निकाय चुनाव में टिकट दिया है. इस पूर्व आतंकी का नाम मोहम्मद फारूक खान उर्फ सैफुल्ला है, जिसे बीजेपी ने श्रीनगर के वार्ड-33 से उम्मीदवार बनाया है.


सैफुल्ला का कहना है, ‘मैं जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट और हरकत-उल-मुजाहिदीन में था. जेल से बाहर आने के बाद, मैंने पूर्व आतंकवादियों के पुनर्वास के लिए जम्मू-कश्मीर मानव कल्याण संगठन का गठन किया. किसी ने मुझे समर्थन नहीं दिया, यहां तक कि उन्होंने भी नहीं, जिनके लिए मैंने बंदूक उठाई थी. मुझे नहीं पता था कि वे केवल नोट गिन रहे थे.’




सैफुल्ला का कहना है, ‘लोग पहले भी मेरे साथ दुर्व्यवहार कर रहे थे और आज भी कर रहे हैं, लेकिन मैं शांति के लिए काम कर रहा हूं. मैं जीतकर पूर्व-आतंकवादियों के पुनर्वास और उनके बच्चों की शिक्षा पर अपनी कमाई पर खर्च करूंगा… मैंने पुनर्वास नीति पर आत्मसमर्पण नहीं किया है.’




उन्होंने कहा, ‘मैं नेपाल से नहीं आया था. मैं बहुत लंबा सफर तय करके आया हूं. मैंने साढ़े दस साल की जेल की सज़ा पूरी की है. जो कह रहे हैं कि मैं नेपाल से आया हूं अगर वह माफी नहीं मांगते तो मैं उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज़ कराऊंगा.’




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सैफुल्ला ने बताया कि 2016 में पठानकोट एयरबेस अटैक के मास्टरमाइंड जैश-ए-मोहम्मद के चीफ मसूद अज़हर ने एक बार उन्हें अपना रीडिंग असाइनमेंट पूरा न करने के लिए पीटा था. यही नहीं अपनी सज़ा के दौरन भी वह जेल में पाकिस्तान के आतंकी कमांडर मसूद अज़हर, सज्जाद अफगानी और नसरुल्लाह लंगरियाल से मिले थे जिन्हें 90 के दशक में कश्मीर से गिरफ्तार किया गया था. सैफुल्लाह ने कहा कि उन्होंने ही मुझे पढ़ना सिखाया.


सैफुल्ला ने बताया कि ‘जेल में मैंने करीब इस्लामिक लिटरेचर की 200 से ज़्यादा किताबें पढ़ीं. जो मेरे लिए बेहतरीन एक्सपीरिएंस था, इससे विश्व की राजनीति की मेरी समझ बढ़ी.’


Article source: https://hindi.news18.com/news/nation/supreme-court-allows-minor-to-terminate-her-pregnancy-1101423.html

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