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(पीवी रमन कुमार) तेलंगाना में सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्रीय पार्टी अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत लगा रही है. समय पूर्व विधानसभा भंग करके चुनाव में जाने वाली के.चंद्रशेखर राव की पार्टी अपनी सत्ता खोने के मूड में बिल्कुल नहीं है. हालांकि टीआरएस टिकट के लिए नेताओं की लंबी कतार के बाद अपनी ही रणनीति में उलझती हुई दिखाई दे रही है.
पिछले विधानसभा चुनावों के बाद पार्टी में शामिल होने वाले अधिंकांश नेता इस उम्मीद पर हैं कि उन्हें टिकट दिया जाएगा. इससे पार्टी में अजीब सा संकट पैदा हो गया है- प्रत्येक सीट पर टिकट के लिए लगभग दो से चार प्रत्याशी हैं, और उनमें से लगभग सभी बड़े नेता हैं. कुछ राज्यमंत्री हैं जबकि कुछ राज्य सभा सांसद हैं और कुछ पार्षद भी टिकट के लिए लाइन में खड़े हैं.
टिकट की लाइन में खड़े ये वे नेता हैं जिन्होंने अपने क्षेत्रों में मजबूत पकड़ बनाने के लिए वर्षों तक काम किया है. लेकिन उनके एक ही पार्टी में रहने से मुकाबला कड़ा हो गया है. केसीआर इनमें से अधिकतर को खुश रखने में कामयाब रहे, क्योंकि उन्होंने अपने मौजूदा विधायकों को अधिकांश टिकट दिए. लेकिन जिन नेताओं को टिकट नहीं मिला वे अब पार्टी छोड़कर दूसरे दलों की तरफ देख रहे हैं.पिछले कुछ ही दिनों में टीआरएस के कई नेताओं ने पार्टी छोड़कर बीजेपी और कांग्रेस का दामन थामा है, जिसने केसीआर के दोबारा चुनकर आने की संभावनाओं पर सवाल खड़ करे दिए हैं.
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एक के बाद एक मजूबत नेताओं के पार्टी छोड़ने के बाद ‘टीम केसीआर’ ने दूसरे दलों के नेताओं को लुभाने के लिए ‘ऑपरेशन आकर्ष’ शुरू किया है. इसी की बदौलत पार्टी अविभाजित आंध्र प्रदेश के पूर्व विधानसभा स्पीकर और वरिष्ठ कांग्रेस नेता के. सुरेश रेड्डी को अपने साथ लाने में कामयाब रही.
टीआरएस के सांसद बाल्क सुमन ने कहा, “हम नहीं चाहते कि हमारे नेता पार्टी छोड़कर जाएं. हर किसी को अलग-अलग तरह से मौके दिए जाएंगे.” बाल्क सुमन ने कहा कि पार्टी छोड़ने वाले वे नेता हैं जो पहले कांग्रेस में थे और अब वापस जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि यहां हमारे पास खोने के लिए कुछ नहीं है.
इसी बीच तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव बांदी सुधाकर ने कहा, “ये नए सदस्य पार्टी को एक नई ताकत देंगे. क्योंकि वे राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित हैं, पार्टी को इन स्थानों से नया समर्थन मिलेगा. हम नॉमिनेशन के बाद पार्टी में और नए सदस्यों के आने की उम्मीद कर रहे हैं.”
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नोट: यह आलेख मूल रूप से हमारी सहयोगी अंग्रेजी वेबसाइट news18.com पर प्रकाशित हुई है. हमने इसके कुछ अंश का हिंदी में अनुवाद कर प्रकाशन किया है. इसे अंग्रेजी में पूरा पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें….
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