READ MORE
दीपक मिश्रा मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस पद से रिटायर हो गए. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के जज रंजन गोगोई ने बुधवार को 46वें चीफ जस्टिस पद की शपथ ले ली है. दीपक मिश्रा 21 साल तक जज रह चुके हैं. इनमें से 14 साल वो हाईकोर्ट के जज भी रहे हैं. वही रंजन गोगोई ने 28 फरवरी 2001 को गुवाहटी हाईकोर्ट के जज के तौर अपने करियर की शुरुआत की थी. इसके बाद वे 23 अप्रैल 2012 को सुप्रीम कोर्ट के जज बने.दोनों ही जजों के इतने लंबे कार्यकाल के बावजूद उनकी संपत्ति न के बराबर है. रंजन गोगोई के पास तो अपना घर तक नहीं है. अगर हम रंजन गोगोई की कुल संपत्ति को मिलाकर देखें तो ये वरिष्ठ वकीलों की एक दिन की फीस से भी कम होगी. वहीं दीपक मिश्रा के पास दिल्ली के मयूर विहार में एक फ्लैट है, जो उन्होंने बैंक से 22.5 लाख रुपए का लोन लेकर खरीदा था. इसके अलावा कटक में उनके पास एक और घर है जिसकी मरम्मत काफी सालों से नहीं हुई है.
ये भी पढ़ें – ये हैं सुप्रीम कोर्ट के वो 4 जज, जिन्होंने चीफ जस्टिस के खिलाफ किया ‘विद्रोह’
गोगोई के पास अपनी गाड़ी तक नहीं
जस्टिस गोगोई के पास अपनी गाड़ी भी नहीं है. हालांकि इसका एक कारण ये भी हो सकता है कि पिछले 20 सालों से उन्हें सरकारी गाड़ी उपलब्ध कराई गई हो. लेकिन इसके अलावा भी उनके पास कुल मिलाकर केवल 30 लाख रुपए की संपत्ति ही है. साल 1999 में जस्टिस गोगोई ने गुवाहाटी के बेलटोला इलाके में एक प्लॉट खरीदा था जो उन्होंने काफी साल पहले 65 लाख रुपए में बेच दिया था.
ये भी पढ़ेंः नए चीफ जस्टिस गोगोई के सामने हैं क्या क्या चुनौतियां?
वहीं दूसरी तरफ अगर हम किसी वरिष्ठ या मशहूर वकील की एक दिन की आय देखें तो पता चलता है कि वे एक दिन में 50 लाख से ज्यादा कमा लेते है. वकीलों की इस कमाई के सामने सुप्रीम कोर्ट के जजों की संपत्ति कुछ भी नही है.
Article source: http://feedproxy.google.com/~r/Khabar-Cricket/~3/mB6enzByJFg/story01.htm
No comments:
Post a Comment