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चेन्नई के पास एन्नोर में एक ठेकेदार की हत्या की गई. एक गैंग के आठ लोगों ने इस हत्याकांड को अंजाम दिया जबकि मास्टरमाइंड कोई और था. इस हत्याकांड के मास्टरमाइंड की तलाश पुलिस को बरसों से थी क्योंकि शक के दायरे में आए इस मास्टरमाइंड ने पहले कई कत्ल किए और कई केस इस पर दर्ज थे. बहरहाल, ये आठ लोग पुलिस से भाग नहीं पाए और बरसों से फरार उस मास्टरमाइंड की कहानी सामने आई जो एक सनक के चलते, बदले की भावना से जुर्म को अंजाम दे रहा था.चेन्नई से लगा इंडस्ट्रियल इलाका है एन्नोर. एक तरफ नदी, एक तरफ क्रीक और एक तरफ बंगाल की खाड़ी. ऐसे घिरा हुआ एन्नोर शांतिपूर्ण इलाका तो नहीं रहा लेकिन पिछले दिनों यानी 13 अगस्त को इस इलाके में सनसनी फैल गई थी. यहां एन्नोर थर्मल पावर प्लांट में एक ठेकेदार था जेम्स. 38 वर्षीय जेम्स इस प्लांट सहित कई उद्योगों में वर्कर्स की सप्लाई करता था और एक रसूखदार ठेकेदार के तौर पर बरसों से काम कर रहा था.
जेम्स को पिछले कुछ दिनों से धमकियां मिल रही थीं और उससे एक गैंग का सरगना वसूली करना चाह रहा था. जेम्स से एक करोड़ रुपये की मांग की गई थी और धमकी दी गई थी कि अगर उसने यह रकम नहीं दी तो उसका खून कर दिया जाएगा. जेम्स के लिए इस तरह की धमकियां कोई नई बात नहीं थी. उसने इस धमकी को भी गंभीरता से नहीं लिया. बस यही लापरवाही जेम्स को महंगी पड़ी.
पिछले 13 अगस्त को जब जेम्स एन्नोर में था तब उस पर हमले के लिए आठ बदमाश घात लगाए बैठे थे. जैसे ही जेम्स एक ऐसी गली में पहुंचा जहां आवाजाही कम थी, ये आठ लोग सामने आए और जेम्स पर कई हथियारों से हमला कर दिया. इससे पहले कि जेम्स कुछ समझ पाता, उसके शरीर पर कई ज़ख्म हो चुके थे और अगले ही पल वह लाश बन चुका था. जेम्स को मारने के बाद ये आठों वहां से फरार हो गए.

एन्नोर थर्मल पावर प्लांट. गूगल मैप.
चूंकि जेम्स एक बड़ा ठेकेदार था इसलिए उसकी हत्या ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी और पुलिस ने पूरी मुस्तैदी से छानबीन शुरू कर दी. पुलिस कई जगह दबिश दे रही थी और जिस तरह से हत्यारों की तलाश जारी थी, हत्यारे भी खौफ के साये में थे. जिन्होंने जेम्स का कत्ल किया था, उन आठों में से ज़्यादातर पेशेवर हत्यारे नहीं थे इसलिए उन्हें भागने और छुपने की तरकीबें भी ज़्यादा पता नहीं थीं. दूसरी तरफ ये सभी बेहद डरे हुए थे.
इन आठों ने फैसला किया और किसी तरह ये सभी पूनामल्ली कोर्ट पहुंचे. इन सभी ने कोर्ट में सरेंडर करते हुए जेम्स की हत्या करना कबूल किया और फिर इन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया. अब सवाल यह था कि हमला तो इन आठों ने किया लेकिन करवाया किसने? यहां से सामने आई धनशेखरन की कहानी. एन्नोर धनशेखरन के नाम से बदनाम यह सरगना पुलिस की वॉंटेड लिस्ट में था. कौन था यह धनशेखरन और क्या था इसका मकसद?
मुथु, राजा और गैंगस्टर शक्ति के भाई अशोक जैसे नामी बदमाशों को भी उसने मौत के घाट उतारा. धनशेखरन पर हत्या के 6 मामलों सहित हत्या के प्रयास और लूट व वसूली जैसे करीब 40 मामले दर्ज हो चुके थे. 5 बार उसके खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत केस दर्ज हो चुका था. सरेंडर करने वाले आठों हत्यारों ने जेम्स के कत्ल के लिए धनशेखरन को ज़िम्मेदार ठहराया तो पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की.
जेम्स को एन्नोर में मारा गया था और मारने से पहले और कुछ बाद तक धनशेखरन इन हत्यारों के संपर्क में था इसलिए पुलिस ने एन्नोर और उसके आसपास अपना जाल बिछाना शुरू किया. कई जगह छापेमारी की जा रही थी और धनशेखरन छुपने व भागने की जुगाड़ कर रहा था. इसी बीच, बीते 25—26 अगस्त की दरमियानी रात धनशेखरन ने एक गलती की जो उसे महंगी पड़ गई.
एन्नोर के सटे न्यू मनाली टाउन इलाके में धनशेखरन ने अपने दो साथियों मथी और मुमूर्ति के साथ एक लॉरी पर लूट की नीयत से हमला किया लॉरी ड्राइवर कुमारन को हथियार की नोक पर लूट लिया. यह लूट धनशेखरन की बेवकूफी साबित हुई क्योंकि केवल ढाई हज़ार की रकम इस लूट से उसके हाथ लगी लेकिन ड्राइवर ने फौरन पुलिस को खबर कर दी. पुलिस पहले ही मुस्तैद थी और उसने न्यू मनाली टाउन इलाके में सरगर्मी शुरू की और थोड़ी ही देर में वह धनशेखरन तक पहुंच गई.

पुलिस की सुगबुगाहट देखकर धनशेखरन सतर्क हो गया था लेकिन अब देर हो चुकी थी. पुलिस टीम को देखकर उसने अपनी बड़ी कार से भागने की कोशिश की लेकिन कई तरफ से पुलिस टीम उसे घेर चुकी थी. जल्दबाज़ी में पुलिस से बचकर भागने की फिराक में धनशेखरन ने अपनी कार से काबू खो दिया और कार एक्सीडेंट की शिकार हो गई. ज़ख्मी हालत में पुलिस ने धनशेखरन को धर दबोचा.
अब धनशेखरन की कहानी इस तरह सामने आई कि वह नौजवानी में पुलिस इंस्पेक्टर बनना चाहता था. साल 1999 में पुलिस फोर्स में तकरीबन चुन लिया गया था लेकिन ऐन वक्त पर उसे सेलेक्शन से खारिज कर दिया गया क्योंकि वह लड़ाई झगड़े के एक मामले में एक बार गिरफ्तार किया जा चुका था. पुलिस फोर्स में न चुने जाने की घटना से धनशेखरन बेहद खिन्न हो गया था और फिर उसने जुर्म का रास्ता चुना और खुद को पुलिस के खिलाफ खड़ा करने का सफर शुरू किया.
अंग्रेज़ी में ग्रेजुएट धनशेखरन एन्नोर और चेन्नई के नामी बदमाशों में शुमार किया जाता रहा. पिछले कई सालों में वह कुछ एक बार पुलिस के हत्थे भी चढ़ा लेकिन ज़्यादा दिन जेल में नहीं रहा. इस बार धनशेखरन कत्ल के इल्ज़ाम में पुलिस हिरासत में है.
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