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एक जासूस सिर्फ अपराध की तहकीकात ही नहीं करता बल्कि वह इंसानी मन और ज़िंदगी की परतों को भी टटोलता है. अपने पेशे में एक जासूस सामान्य दिखने वाले लोगों और रिश्तों के उन रहस्यों का पर्दाफाश करता है जो किसी जुर्म को बुन रहे होते हैं. hindi.news18.com की इस विशेष सीरीज़ में एक जासूस की ज़बानी रिश्तों में जुर्म की कहानी.#LoveSexaurDhokha: दौलत के लिए शादीशुदा मर्द पर चलाया ‘जादू’
लता की शादी को काफी साल हो चुके थे और कुछ वक्त से उसे अपने पति आशु पर शक हो रहा था कि किसी औरत के साथ उसका अफेयर चल रहा है. कुछ ही वक्त में उसे इस बात का यकीन भी हो गया कि आशु का अफेयर रिश्तेदारी में ही है और फिर दोनों के बीच झगड़े होने लगे. आशु ऐसे इल्ज़ामों से इनकार करता इसलिए लता ने उसके खिलाफ सबूत जुटाने की कवायद शुरू की और दोनों को रंगे हाथों जब पकड़ा गया तब ड्रामा इतना हुआ कि आशु एक तौलिया लपेटकर भागा.
#LoveSexaurDhokha: ‘उसने सेक्स के लिए मना किया तो अरेस्ट करवा दिया’दिल्ली के मयूर विहार इलाके में रहने वाली करीब 35 साल की लता को अपने पति आशु पर कुछ वक्त से शक होने लगा था. दोनों की शादी को सात—आठ साल हो चुके थे और दोनों की एक बेटी भी थी. आशु के फोन पर जान बूझकर लता कोई नज़र नहीं रखती थी लेकिन कभी उसके हाथ लग जाता तो वह बगैर किसी इरादे के कुछ देख लेती. कुछ वक्त पहले उसे ऐसे कुछ मैसेज और कॉल्स नज़र आए जिनकी कोई तुक उसे समझ नहीं आ रही थी.
आशु इन बातों से बेखबर था और लता अब इरादे के साथ उसका फोन चेक करने लगी. उसे शक हो चला था कि किसी औरत या लड़की के साथ आशु लगातार बातचीत करता है और उससे झूठ बोलकर उससे मुलाकातें करने जाता है. एक दिन घर के लैंडलाइन फोन पर लता ने दोनों की बातचीत सुन ली तो उसके होश उड़ गए क्योंकि आवाज़ पहचान कर उसे समझ में आ गया था कि यह लड़की कोई और नहीं बल्कि मधु थी जो उसकी रिश्तेदार थी.

मधु रिश्ते में लता की भाभी थी यानी लता के कज़िन राकेश की बीवी. आशु और मधु के बीच एक गहरा रिश्ता पनप चुका है, लता को वह बातचीत सुनकर यकीन हो गया था. उसने पहले राकेश से इस बारे में बातचीत की और राकेश ने भी कहा कि शक तो उसे भी रहा है लेकिन कभी कोई ऐसा सुराग हाथ नहीं लगा जिससे दोनों को दोषी ठहराया जा सके. राकेश कुछ शांत मिज़ाज का था लेकिन लता चुप रहने वालों में नहीं थी.
लता ने आशु से बातचीत की और नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए उस पूरी बातचीत सुन लेने का राज़ खोला तो आशु ने बहानेबाज़ी शुरू की. हर बात के लिए आशु के पास कोई न कोई बहाना था और वह किसी तरह यह साबित कर सका कि लता का शक गलत है. लता के पास कोई जवाब नहीं बचा था लेकिन उसे यकीन था कि आशु झूठ बोल रहा है. अब आशु की हर हरकत पर नज़र रखे हुए लता हर बात पर उसे टोकने लगी और झगड़े आए—दिन की बात हो गए.
जल्द ही नौबत यहां तक आ गई कि घर में सुबह शाम क्लेश रहता. लता कई बार राकेश से बातचीत कर चुकी थी और मधु को समझाने के लिए कहती. उसने खुद भी मधु को समझाने की कोशिश की लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ बल्कि वह भी ऐसे इल्ज़ामों से मुकर गई. रोज़ाना के इन टंटों से परेशान होकर लता ने फिर राकेश से बातचीत की और इस बार उसने कहा कि इनके खिलाफ सबूत जुटाने ही होंगे.
इस फैसले के बाद लता ने हमसे कॉंटैक्ट किया और पूरी कहानी सुनाने के बाद उसने कहा कि वह दोनों को रंगे हाथ पकड़ना चाहती है. हमने यह डील की और अगले दिन से ही आशु और मधु को फॉलो करने के लिए टीमों को तैनात किया. पहले दो दिन आशु और मधु की मुलाकात नहीं हुई. तीसरे दिन दोनों की मुलाकात हुई लेकिन पब्लिक प्लेस पर दोनों मिले और कुछ ही देर बातचीत करने के बाद अपने अपने रास्ते चले गए.
तीन—चार दिन इसी तरह फॉलो करने की पूरी डिटेल्स जब हमने लता को बताईं तो लता का ज़िद पर अड़ी थी कि उसे दोनों को रंगे हाथ पकड़ना है. लता के कहने पर हमने दोनों पर निगरानी रखना जारी रखा. फिर जल्द ही वह दिन आया जब हमें उम्मीद मिली कि सबूत मिल ही जाएंगे. आशु अपने आॅफिस के बजाय साउथ दिल्ली के सफदरजंग की तरफ गया. पहले आशु एक मेडिकल स्टोर पर रुका.

लता लगातार हमारे कॉंटैक्ट में थी. हमने उसे बताया तो उसने कहा कि ‘मुझे पता है कि वो मेडिकल स्टोर से क्या ले रहा है’. उसने कहा कि हम कन्फर्म करें कि उसने सेक्सुअल पावर के लिए कोई दवा ली है या नहीं. हमारे एक इनवेस्टिगेटर ने उस मेडिकल स्टोर में पता किया तो मधु का शक सही था. मधु के यकीन और बातों से साफ ज़ाहिर था कि अब आशु और मधु की मुलाकात होने में बहुत देर नहीं थी.
लता ने उस होटल का एड्रेस लिया और उसने कहा कि वह कुछ ही देर में वहां पहुंच रही है. आशु और मधु एक कमरे में जा चुके थे. कुछ ही देर बाद लता अपने दो भाइयों और राकेश के साथ उस होटल में पहुंची. हमारी टीम ने उसे पूरा माजरा बताया और फिर लता और उसके भाइयों ने रिसेप्शन पर पूछताछ की. रिसेप्शन पर काफी टाइम खराब हुआ क्योंकि वो लोग अपने ग्राहक के बारे में कुछ बताने को तैयार नहीं थे.
किसी तरह उस कमरे का पता चला जिसमें आशु और मधु थे लेकिन इस बीच होटल में मौजूद आशु को जानने वाले किसी आदमी ने उसे फोन कर दिया कि लता होटल पहुंच चुकी है. लता और उसके भाई उस कमरे की तरफ गए और ज़ोर से दरवाज़ा पीटने लगे. दो—चार बार ही दरवाज़ा पीटने के बाद धकेलने पर दरवाज़ा खुल गया तो सबने बिस्तर पर मधु को लगभग बगैर कपड़ों के देखा. वह कपड़े पहनने की कोशिश कर रही थी.

मधु को इस हालत में देखते ही लता का पारा चढ़ गया और वह उसके साथ गाली गलौज करते हुए हाथापाई पर उतारू हो गई. लेकिन पूरे कमरे में आशु नज़र नहीं आ रहा था. तभी हमारे एक इनवेस्टिगेटर ने बताया कि आशु पीछे के दरवाज़े से भाग रहा है. लता ने अपने भाइयों से उसे पकड़ने को कहा तो सबने देखा कि आशु सिर्फ एक तौलिया लपेटे भागने की कोशिश कर रहा था. लेकिन वह भागने में कामयाब नहीं हुआ और लता के भाइयों ने उसे पकड़ ही लिया.
आशु और मधु रंगे हाथों पकड़े जा चुके थे. हमारे स्पाय कैमरों की मदद से होटल में घटा सब कुछ रिकॉर्ड किया जा चुका था. लता और राकेश ने इसके बाद आशु और मधु के साथ बैठकर बातचीत की लेकिन माहौल इतना गर्म था कि नाराज़गी और तानेबाज़ी ही ज़्यादा हुई. हमने सबूतों के साथ ही आशु को रंगे हाथों पकड़वाने का काम कर दिया था और इसके बाद हमारी टीम वहां से चली गई. आगे क्या हुआ? यानी लता और राकेश ने आशु और मधु के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई की या कुछ और? यह हमें पता नहीं चला.
(यह कहानी दिल्ली बेस्ड प्राइवेट जासूस Pawan Sharma – SGI Detectives के करियर में आए एक केस पर आधारित है जिसके किरदार वास्तविक हैं, बस उनके नाम नहीं.)
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