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राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर के मसौदे के विरोध में पश्चिम बंगाल और असम के एक धार्मिक समूह ऑल इंडिया मटुआ महासंघ ने रेल-रोको अभियान चलाया. इसकी वजह से पूर्व रेलवे के सियालदह सेक्शन के तहत कई स्टेशनों पर रेलगाड़ियां बाधित हुईं. बंगाल और उत्तरी असम में इस समुदाय के लाखों अनुनायी हैं.असम के एनआरसी मसौदे में मटुआ समुदाय के तकरीबन पांच लाख लोगों के नाम न होने के विरोध में ‘सारा भारत मटुआ संघ’ ने ये विरोध अभियान चलाया. बुधवार को हजारो मटुआ लोगों ने उत्तर 24 परगना जिले के कई स्टेशनों पर जबरदस्त विरोध जताया और रेल लाइनों को जाम कर दिया. इसकी वजह से कई रेलगाड़ियां घंटों रुकी रहीं.
पूर्व रेलवे के एक प्रवक्ता के मुताबिक सियालदह सेक्शन के सियालदह – हसनबाद, सियालदह-नईहट्टी लाइन पर सुबह साढे आठ बजे तक रेलगाड़िया बाधित रहीं.
सूत्रों के मुताबिक ठाकुरनगर के गायघाट स्थित मटुआ समुदाय के मुख्यालय से मटुआ की देवीमाता ( बडोमा बीनापानी देवी) ने पूरे पश्चिम बंगाल में मसौदे के विरोध में एक जोरदार अभियान चलाने के लिए हरी झंडी दे दी है.दरअसल, जिन 40 लाख से ज्यादा लोगों के नाम एनआरसी मसौदे में नहीं हैं, उनमें 5 लाख से ज्यादा मटुआ लोग हैं. बडोमा ने असम में चल रही इस कार्रवाई पर गंभीर चिंता जताई है. मटुआ महासंघ से जुड़े राज्य के खाद्यमंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक ने भी कहा है कि ये अल्पसंख्यक लोगों के विरुद्ध एक साजिश है, जिसकी अनदेखी नहीं की जाएगी.
Article source: http://ibnlive.in.com/news/us-industry-reviewing-supreme-court-decision-on-novartis/382871-2.html
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