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केंद्र सरकार ने अरुणाचल प्रदेश के तीन जिलों और असम से लगे आठ थाना क्षेत्रों में आर्म्ड फोर्सेस स्पेशल पावर एक्ट (अफस्पा) की अवधि छह महीने के लिए और बढ़ा दी है. पूर्वोत्तर के प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों की लगातार चल रहीं गतिविधियों को देखते हुए आफ्स्पा बढ़ाया गया है.गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार अरुणाचल प्रदेश के तिरप, चांगलांग और लोंगदिंग जिलों को आफ्स्पा के तहत अशांत क्षेत्र घोषित किया गया है. इसके अलावा असम से लगे आठ थाना क्षेत्रों को अशांत घोषित किया गया है.
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अधिसूचना के अनुसार, उक्त क्षेत्रों को आर्म्ड फोर्सेस स्पेशल पावर एक्ट 1958 की धारा 3 के तहत एक अक्टूबर, 2018 के प्रभाव से 31 मार्च, 2019 तक ‘अशांत क्षेत्र’ घोषित किया गया है.इन आठ थाना क्षेत्रों में पश्चिम कामेंग जिले के बालेमू और भालुकपोंग, पूर्वी कामेंग जिले का सीजोसा, पापुमपारे जिले का बालिजान, नमसाई जिले के नमसाई और महादेवपुर, निचली दिबांग घाटी जिले में रोइंग और लोहित जिले में सुनपुरा थाने शामिल हैं.
गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि संबंधित क्षेत्रों में कानून और व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा करने के बाद यह फैसला किया गया.
अरुणाचल प्रदेश के इन इलाकों में प्रतिबंधित उग्रवादी समूह नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड (एनएससीएन-के), यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) और नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (एनडीएफबी) सक्रिय हैं.
क्या है अफस्पा
45 साल पहले भारतीय संसद ने “अफस्पा” यानी आर्म्ड फोर्स स्पेशल पावर एक्ट 1958 को लागू किया, जो एक फौजी कानून है, जिसे “अशांत” क्षेत्रों में लागू किया जाता है, यह कानून सुरक्षा बलों और सेना को कुछ विशेष अधिकार देता है.
(एजेंसी इनपुट के साथ)
Article source: https://hindi.news18.com/news/nation/supreme-court-allows-minor-to-terminate-her-pregnancy-1101423.html
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