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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वार्षिक द्विपक्षीय शिखर बैठक के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दो दिवसीय भारत यात्रा पर गुरुवार को यहां पहुंचे. पुतिन के साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आया है. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने उनकी अगवानी की.यहां शुक्रवार को 19वां भारत-रूस वार्षिक द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन होगा. रूसी रक्षा कंपनियों के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंधों के मद्देनजर मोदी और पुतिन के इसमें द्विपक्षीय रक्षा सहयोग की समीक्षा करने की उम्मीद है.
दोनों नेताओं के ईरानी कच्चे तेल के आयात पर अमेरिकी प्रतिबंधों सहित प्रमुख क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श करने की संभावना है.
यात्रा के दौरान जोर ‘एस-400 ट्रायअंफ’ मिसाइल प्रणाली समझौते पर होगा. क्रेमलिन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को कहा था कि इस यात्रा की खास बात एस-400 वायु रक्षा प्रणाली की आपूर्ति के लिए समझौते पर दस्तखत है और यह करार पांच अरब डॉलर का होगा.
Delhi: Russian President Vladimir Putin arrives for his two-day visit to India. He was received by External Affairs Minister Sushma Swaraj. pic.twitter.com/sNUWyS1ZkJ
— ANI (@ANI) October 4, 2018
भारत और रूस के बीच नई अंतरिक्ष सहयोग तंत्र पर बातचीत की उम्मीद है. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी घोषणा की थी कि भारत 2022 में चांद पर किसी आदमी को भेजेगा. सूत्रों के अनुसार, रूस ने ‘मेक इन इंडिया’ के लिए भारत को प्रशिक्षण और उपकरण देने का वादा किया है. इसके साथ ही रूस ने अंतराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में यात्रा करने के लिए एक भारतीय अंतरिक्ष यात्री को प्रशिक्षित करने की पेशकश की है. भारत रूस सहयोग के बीच ऊर्जा का क्षेत्र काफी महत्त्वपूर्ण होगा क्योंकि भारत ने रूस में ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश को काफी बढ़ा दिया है. पुतिन ने हाल ही में पूर्व डिप्टी पीएम दिमित्री रोगोजिन को रोस्कोस्कोस का प्रमुख नियुक्त किया है. जो भारत को सहयोग देंगे. इस द्विपक्षीय वार्ता में इन सभी मुद्दों पर भी विस्तार से बातचीत हो सकती है.
19वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेता रूसी रक्षा कंपनियों पर अमेरिकी प्रतिबंध की पृष्टभूमि में द्विपक्षीय रक्षा संबंधों की भी समीक्षा कर सकते हैं. पुतिन की भारत यात्रा के दौरान मुख्य जोर एस-400 वायु प्रतिरक्षा प्रणाली सौदे के समझौते पर केंद्रित रहेगा. रूस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को कहा था कि इस यात्रा की मुख्य विशेषता एस-400 वायु रक्षा प्रणाली की आपूर्ति के लिए समझौते पर दस्तखत करना होगा और यह करार पांच अरब डॉलर की राशि से ज्यादा का होगा.
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पुतिन के शीर्ष विदेश नीति सलाहकार युरी उशाकोव ने कहा कि राष्ट्रपति चार अक्टूबर को भारत रवाना हो रहे हैं और इस दौरान एस-400 वायु रक्षा प्रणाली की आपूर्ति के लिए समझौते पर जोर होगा. इस खरीद से अमेरिका के काउंटरिंग अमेरिका एडवर्सरीज थ्रू सेक्शन एक्ट ‘सीएएटीएसए’ का उल्लंघन होगा. हालांकि भारत को इसमें छूट मिलने की संभावना है.
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के दौरे पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस दौरे के दौरान राष्ट्रपति पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ आधिकारिक वार्ता करेंगे. वह राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से भी मुलाकात करेंगे. हाल ही में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भारत-रूस इंटर-गवर्नमेंटल कमीशन ऑन टेक्निकल इकोनामिक को-ऑपरेशन (आईआरआईजीसी-टेक) की 23वीं बैठक में हिस्सा लेने के लिए रूस के दौरे पर गई थीं.
पुतिन प्रतिभाशाली बच्चों के समूह से एक संवाद भी करेंगे और भारत रूस व्यापार बैठक को संबोधित करेंगे. उम्मीद की जा रही है कि मोदी एवं पुतिन दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, सम्पर्क, ऊर्जा, अंतरिक्ष एवं पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर भी विचार विमर्श करेंगे.
(एजेंसी इनपुट के साथ)
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