
READ MORE
विजयसिंह परमार
मंगलवार को जब बाकी दुनिया महात्मा गांधी की एक सौ पचासवीं जयंती मना रही थी, उस वक्त साबरमती के कैदी गांधी के जीवन पर ली जा रही एक परीक्षा में शामिल हो रहे थे. गांधी जी को भी जंगे आजादी के दौरान यहां साबरमती जेल में भी कैद रखा गया था.
ये भी पढ़ें : माफिया डॉन अरुण गवली बना ‘मुन्ना भाई’, गांधी जागरूकता परीक्षा में किया टॉप महात्मा गांधी द्वारा स्थापित नवजीवन ट्रस्ट जेल अधिकारियों के साथ मिल कर पिछले तीन सालों से यहां ये परीक्षा आयोजित करा रहा है. इस साल कुल 86 विचाराधीन और सजायाफ्ता कैदी इस परीक्षा में शामिल हुए. इनमें 13 महिला कैदी भी शामिल हैं.
नवजीवन के मैनेजिंग ट्रस्टी विवेक देसाई के मुताबिक-“मंगलवार को कुल 86 कैदी इसमें शामिल हुए. हमने गांधी जी की किताब दक्षिण अफ्रीका में सत्याग्रह पर इस बार परीक्षा कराई है. इसमें एक घंटे में 80 ऑवजेक्टिव सवालों के जबाव देने थे. इसके नतीजे दस दिन में घोषित किया जाएगा. इसका मकसद जेल में कैदियों समेत सभी को गांधी जी के विचारों की जानकारी देना है. सभी को सुधरने का मौका मिलना चाहिए.”
ये भी पढ़ें : साबरमती जेल की महिला कैदी बनीं ‘पैड-वुमैन’
सूत्रों के मुताबिक साबरमती जेल के जिन कैदियों ने इंतहान के लिए अपने नाम लिखवाए थे उन्हें नवजीवन ट्रस्ट ने मुफ्त में किताबे दी थीं. इसमें पहले दूसरे और तीसरे स्थान पर नंबर पाने वाले को ट्रस्ट की तरफ से 15, 10 और 5 हजार रुपये की राशि ईनाम के तौर पर दी जाएगी.

गांधी जयंती पर परीक्षा दे रही महिला कैदी
गांधी पर परीक्षा में शामिल होने वाले 86 कैदियों में 7 वे आरोपी भी शामिल हैं, जो अहमदाबाद के सीरियल बम बिस्फोट के आरोपी है. इस बम विस्फोट से शहर दहल उठा था. इसी आरोप में बंदी शम्सुदीन शेख को सबसे ज्यादा नंबर मिले थे और वो पहले स्थान पर रहा था. सूत्रों के मुताबिक शेख ने अंग्रेजी साहित्य में बीए और एम एस किया है. उसने गांधी जी पर आधारित ये परीक्षा भी अंग्रेजी माध्यम से ही दिया है.
Article source: http://khabar.ibnlive.com/news/politics/manish-tiwary-reveals-on-paid-news-465750.html
No comments:
Post a Comment