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जम्मू-कश्मीर में आतंकियों ने फिर एक नापाक हरकत को अंजाम दिया है. आतंकियों ने रविवार शाम दक्षिण कश्मीर के पुलवामा में एक सीआईडी अफसर इम्तियाज अहमद मीर की गोली मारकर हत्या कर दी. इम्तियाज सीआईडी में सब-इंस्पेक्टर थे और छुट्टी पर घर जा रहे थे. तभी आतंकियों ने उनपर हमला किया. पुलिस ने इम्तियाज अहमद का शव पुलवामा के वाहीबाग इलाके में उनकी कार से बरामद किया.कश्मीर में सुरक्षाबलों के लिए चुनौती बने पाकिस्तानी प्रशिक्षित चार स्नाइपर, रणनीति बदल रही है सेना
सीआईडी ऑफिसर इम्तियाज अहमद मीर अपनी आई-टेन कार से गांव जा रहे थे. इसी दौरान पुलवामा से 5 किलोमीटर पहले आतंकियों ने उनपर कई गोलियां चलाईं. शहीद ऑफिसर के शरीर पर गोलियों के कई निशान थे. उनके पार्थिव शरीर को डिस्ट्रिक्ट पुलिस लाइन लाया गया. पुलिस लाइन में सरकारी सम्मान के बाद उनके पार्थिव शरीर को परिजनों को सौंपा गया.
शहीद सीआईडी अफसर के एक सहयोगी ने बताया कि मीर को शायद आतंकियों के हमले का डर था. इसलिए उन्होंने घर जाने के दौरान अपनी दाढ़ी शेव कर ली थी और पहनावा भी बदल लिया था. लेकिन, वह आतंकियों को चकमा देने में नाकाम रहे.जम्मू कश्मीर के शोपियां में सेना के काफिले पर हमला
मीर के सहयोगी ने बताया, ‘मैंने उनसे कहा था कि इस वक्त घर नहीं जाना चाहिए, क्योंकि आतंकी हमला कर सकते हैं. लेकिन, मीर अपने परिवार से मिलने के लिए बैचेन थे.’
उन्होंने आगे बताया, ‘अगले दिन मीर मेरे पास आए. उनका लुक बदला हुआ था. उन्होंने शेव कर ली थी और पहनावा भी बदल लिया था. उन्होंने कहा कि अब आतंकी उन्हें पहचान नहीं पाएंगे, ये बोलकर वह घर के लिए निकल गए.’
बता दें कि इम्तियाज अहमद मीर अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे. साल 2010 बैच के सब-इंस्पेक्टर मीर की पांच साल तक दक्षिण कश्मीर के गंदेरबल जिले में पोस्टिंग थी. बीते साल कुलगाम में उनका ट्रांसफर हुआ था.
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