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सुप्रीम कोर्ट ने जॉनसन एंड जॉनसन कुल्हा प्रत्यारोपण सर्जरी मामले में दाखिल एक याचिका की सुनवाई करते समय केंद्र सरकार से इस संबंध में अपना पक्ष रखने को कहा है. इस संबंध में केंद्र सरकार दो महीनों के भीतर रिपोर्ट दाखिल करने वाली है. इस याचिका में कहा गया है कि 14,000 बच्चे प्रभावित हुए हैं. याचिका में इस संबंध में जांच बैठाने की अपील की गई है.(ये भी पढ़ें- जॉनसन एंड जॉनसन के कूल्हा प्रतिरोपण पीड़ितों ने सुनाई आपबीती)
बता दें कूल्हा प्रत्यर्पण के कुछ मामले बिगड़ जाने की वजह से कंपनी वैश्विक विरोध का समाना कर रही है. बता दें हाल ही में एक विशेषज्ञ समिति ने अगस्त में स्वास्थ्य मंत्रालय को इस संबंध में रिपोर्ट दी थी. इसमें कहा गया कि डिपाई इंटरनेशनल लिमिटेड (जॉनसन एंड जॉनसन की सहयोगी कंपनी) द्वारा निर्मित एएसआर कूल्हा प्रतिरोपण दोषपूर्ण पाए गए जिसके कारण भारत समेत दुनियाभर में फिर सर्जरी के कई मामले सामने आए.
(ये भी पढ़ें- अब एम्स में मिलेगी अंग प्रत्यारोपण की सुविधा)रिपोर्ट में सिफारिश की गई कि जॉनसन एंड जॉनसन को हर प्रभावित रोगी को कम से कम 20 लाख रुपये देने के लिए बाध्य किया जाना चाहिए. महाराष्ट्र के डोंबिवली के रहने वाले विजय वोझाला ने 2008 में कूल्हा प्रतिरोपण सर्जरी कराई और बाद में परेशानियां उभरने के बाद उन्हें 2012 में एक और सर्जरी करानी पड़ी. उन्हें 2012 में पता चला कि कंपनी ने उत्पाद को बाजार से वापस बुलाने का फैसला किया है.
( ये भी पढ़ें- सुशील मोदी ने की आई बैंक और अंग प्रत्यारोपण संस्थान स्थापित करने की मांग)
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