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जमात-उद-दावा प्रमुख और मुंबई में हुए 26/11 आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के साथ मंच साझा कर फिलिस्तीन के राजदूत बुरी तरह फंस गए गए हैं. भारत की आपत्ति के बाद फिलिस्तीन ने पाकिस्तान से अपने राजदूत को वापस बुलाने का फैसला किया है.भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, ‘‘हमने इस संबंध में खबरें देखी हैं. हम नई दिल्ली में फिलिस्तीनी राजदूत और फिलिस्तीनी अधिकारियों के सामने इस मुद्दे को सख्ती से उठा रहे हैं.’’ खबरों के मुताबिक, इस्लामाबाद में फिलिस्तीनी राजदूत वालिद अबु अली ने पाकिस्तान के रावलपिंडी में दिफा-ए-पाकिस्तान काउंसिल की ओर से शुक्रवार सुबह आयोजित एक विशाल रैली में हिस्सा लिया था. दिफा-ए-पाकिस्तान (पाकिस्तान की रक्षा) काउंसिल इस्लामी समूहों का एक गठबंधन है, जिसमें हाफिज का संगठन भी शामिल है.
Press release on India’s reaction over the Palestinian Ambassador in Pakistan’s association with terrorist Hafiz Saeed. https://t.co/tkrMPmcpNm
— Raveesh Kumar (@MEAIndia) December 30, 2017
फिलिस्तीन ने खेद जताया
भारत के विदेश मंत्रालय के विरोध को देखते हुए फिलिस्तीन ने इस मामले में खेद जताया है और साफ किया है कि आतंक को लेकर उसका रुख पूरी तरह से साफ है . भारत में फिलिस्तीन के राजदूत अबू अल हइजा ने कहा कि पाकिस्तान में हमारे राजदूत ने जो किया वह हमारे सरकार को स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने कहा कि आतंक के खिलाफ युद्ध में फिलिस्तीन हमेशा भारत के साथ खड़ा है.
Our Ambassador doesn’t know this person.When he starts speaking,he asks who is this person?Our Ambassador’s speech was after him,he made his speech left. For us, even with that, it is not accepted and a decision has been taken: Palestinian Ambassador to India Adnan Abu Al Haija pic.twitter.com/YPN6APlL0k
— ANI (@ANI) December 30, 2017
राजदूत को पता नहीं था कि कौन है हाफिज
भारत में फिलिस्तीन के राजदूत अदनान अबू अल हैजा ने अपने इस्लामाबाद के राजदूत का बचाव करते हुए कहा कि उन्हें पता नहीं था कि हाफिज कौन हैं. रैली में क्योंकि हाफिज का भाषण राजदूत के भाषण के बाद था इसलिए उन्हें पता ही नहीं चल सका. जैसे ही हाफिज सईद ने भाषण में अपने बारे में बताया हमारे राजदूत तुरंत वहां से उठकर चले गए
भारत को जताया भरोसा
फिलिस्तीन ने अपने राजदूत के इस तरह से रैली में शामिल होने के मामले को गंभीरता से लिया है और भरोसा जताया है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आतंकवाद का समर्थन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी. विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि फिलिस्तीन भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने वाले लोगों के साथ अपने रिश्ते नहीं रखेगा.
Article source: http://www.jagran.com/bihar/darbhanga-16528696.html
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