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गुजरात चुनाव में बीजेपी को नाकों चने चबवाने के बाद अब गुजरात के लड़कों की नज़र पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र पर हैं. 2014 में बीजेपी ने मोदी लहर पर सवार होकर 15 साल के कांग्रेस-एनसीपी की सरकार का तख्त़ापलट किया था. सिर्फ विधानसभा चुनाव ही नहीं बल्कि कई जिला परिषद और पंचायत चुनाव विपक्षी दल हार चुके हैं. ऐसे में महाराष्ट्र में अपनी सियासी जमीन बचाने की कोशिश कर रही कांग्रेस और एनसीपी को गुजरात के त्रिदेव में उम्मीद नज़र आ रही हैं.महाराष्ट्र को बीजेपी मुक्त बनायेंगें: अल्पेश ठाकोर
एनसीपी विधायक जितेंद्र आव्हाड के बुलावे पर महाराष्ट्र आए अल्पेश ठाकोर ने कहा है कि वो गुजरात में थोड़े से चूक गए, लेकिन बीजेपी को हराने में रही सही कसर महाराष्ट्र में पूरी करेंगें. अल्पेश ने दावा किया कि वो, जिग्नेश और हार्दिक मिलकर महाराष्ट्र को बीजेपी मुक्त बनाएंगें.
अल्पेश के इस बयान के कई मायने हैं, क्योंकि कहने के लिए भले ही महाराष्ट्र देश के अन्य राज्यों के मुकाबले काफी प्रगतिशील राज्य हो, लेकिन यहां भी जातिगत समीकरण काफी मायने रखते हैं. पटेल समाज की तरह महाराष्ट्र में भी मराठा समाज आरक्षण के लिए बड़ा आंदोलन पिछले करीब 2 साल से कर रहे हैं. पिछले चुनाव में बीजेपी ने रामदास आठवले और धनगर नेता महादेव जानकर के साथ मिलकर ओबीसी वोटबैंक को अपने पाले में ले लिया था, जिसकी वजह से कंग्रेस और एनसीपी को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा था. कांग्रेस एनसीपी सत्ता वापसी के लिए अब बीजेपी को उन्हीं की चाल से मात देना चाहती हैं.दलित समारोह में हिस्सा लेंगें जिग्नेश मेवाणी
दलितों लड़ाकों की पेशवा सैनिकों पर हुई जीत के 200 बरस पूरे होने पर महाराष्ट्र के पुणे शहर में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है. इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए दलित संगठनों ने खास तौर पर गुजरात से जिग्नेश को बुलाया है. सूत्रों की मानें तो इस कार्यक्रम के बहाने जिग्नेश बीजेपी पर दलित अत्याचार के मुद्दे पर कड़ा प्रहार कर सकते हैं. वहीं बाल ठाकरे को अपना आदर्श मानने वाले हार्दिक पटेल भी इसी साल उद्धव ठाकरे से मिल चुके हैं. गुजरात में बीजेपी को हरा ना पाने की कसक हार्दिक महाराष्ट्र में निकालने के लिए विपक्ष से हाथ मिला सकतें हैं.
मुंह के बल गिरेंगें तीनों लड़के- बीजेपी
कांग्रेस और एनसीपी जहां अल्पेश, जिग्नेश और हार्दिक पर दांव लगाने की रणनीति में जुट गए हैं, वहीं बीजेपी इन तीनों को ज्यादा तवज्जो नहीं दे रही. बीजेपी नेता राज पुरोहित ने दावा किया कि जिस तरह गुजरात में ये तीनों लड़के बीजेपी का कुछ नहीं बिगाड़ पाए, उसी तरह महाराष्ट्र में भी इनके आने से कुछ फर्क़ नहीं पड़ने वाला है. अगर उनमें बुद्धि होगी तो अपनी महाराष्ट्र में अपनी इज्जत धुमिल करने नहीं आएंगे.
बीजेपी भले ही गुजरात के लड़कों को तवज्जो ना दे रही हो, लेकिन वो इस बात से इनकार नहीं कर सकते कि महाराष्ट्र में जातिगत समीकरण बहुत मायने रखते हैं और खासकर मराठा समाज जिनकी आबादी करीब 34 प्रतिशत हैं. ऐसे में बीजेपी ने जल्द कदम नहीं उठाए तो उसे गुजरात की तरह महाराष्ट्र में भी नुकसान उठाना पड़ सकता है.
Article source: http://www.jagran.com/bihar/muzaffarpur-16528719.html
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