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भारतीय मूल के लोगों को नये साल में अपनी पहचान पत्र को भारत के विदेशी नागरिक कार्ड (ओसीआई) में तब्दील करने पर शुल्क देना होगा. सरकार ने मुफ्त में कार्ड बदलने की व्यवस्था बंद करने का फैसला किया है. गृह मंत्रालय ने यह जानकारी दी.एक अधिकारी ने पीटीआई भाषा से कहा कि भारतीय मूल के लोगों को कार्ड (पीआईओ) को मुफ्त में ओसीआई में तब्दील करने की व्यवस्था समाप्त हो रही है. 31 दिसंबर के बाद इस सुविधा को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया गया. हालांकि शुल्क के भुगतान पर पीआईओ कार्ड को ओसीआई में तब्दील करने की अनुमति होगी.
अधिकारी ने कहा, ‘समयसीमा आगे नहीं बढ़ायी जाएगी क्योंकि ज्यादातर लोगों (करीब 30 लाख) ने पीआईओ कार्ड को ओसीआई में तब्दील कर लिया है.’ इससे पहले गृह मंत्रालय ने चार बार इसकी समयसीमा बढ़ायी थी. मंत्रालय शुल्क पर काम कर रहा है और इसकी घोषणा जल्दी ही की जाएगी.
पीआईओ कार्ड को सबसे पहले 2002 में लागू किया गया. इसका मकसद उन विदेशी नागरिकों को मदद करनी था जो भारतीय मूल के तीसरी पीढ़ी के साथ संबन्ध जोड़ सके. पीआईओ कार्ड यात्रा, कार्य और भारत में 15 साल के निवास के लिये वैध था. ओसीआई कार्ड 2005 में लागू किया गया और कार्डधारक के लिये जीवनपर्यन्त वैध है.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में घोषणा की थी कि दो प्रकार के कार्ड को मिलाकर एक किया जाएगा और विदेशों में रहे भारतीयों को अधिकतम लाभ दिया जाएगा. अधिकारी के अनुसार साथ ही पीआईओ और ओसीआई कार्ड से विदेशों में रह रहे भारतीय मूल के लोगों के बीच भ्रम पैदा होता.
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Article source: http://hindi.news18.com/news/nation/the-high-court-can-heard-virbhadra-singhss-plea-for-money-laundering-case-on-mondey-1033246.html
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