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सरकार ने इस बात से इंकार कर दिया है कि इंटरनेट की उपलब्धता को मौलिक अधिकार बनाने का उसका कोई विचार है. सरकार ने इसके साथ ही कहा कि उसका प्रयास समावेशी डिजिटल विकास करने का है और डाटा की सुरक्षा के लिए एक नया कानून बनाया जा रहा है.आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने राज्यसभा में पूरक सवालों के जवाब में यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि भारत सरकार अपने नागरिकों को इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि सरकार का जोर इस बात पर है कि लोगों की बिना किसी भेदभाव के इंटरनेट तक पहुंच हो.
साइबर सुरक्षा के लिए जल्द बनेगा कानून
साइबर सुरक्षा का जिक्र करते हुए प्रसाद ने कहा कि इस संबंध में कानून के लिए उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश बी एन श्रीकृष्ण के नेतृत्व में एक समिति गठित की गई है. समावेशी डिजिटल विकास का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि देश की सभी ग्राम पंचायतों को आप्टिकल फाइबर से जोड़ने के लिए योजना शुरू की गई थी.छह करोड़ लोगों को बनाया जा रहा डिजिटल साक्षर
उन्होंने कहा कि जब यह सरकार 2014 में सत्ता में आयी थी, उस समय 358 किलोमीटर आप्टिकल फाइबर ही बिछाया जा सका था. लेकिन इस सरकार के कार्यकाल में 2.53 लाख किलोमीटर आप्टिकल फाइबर बिछाई जा चुकी है. इसके साथ ही 57 हजार गांवों में सुविधाएं शुरू हो गई है. प्रसाद ने कहा कि इस सरकार ने छोटे शहरों में बीपीओ सुविधा शुरू की है और अब तक 2.70 लाख कॉमन सर्विस सेंटर स्थापित किए जा चुके हैं. उन्होंने कहा कि सरकार छह करोड़ लोगों को डिजिटल साक्षर बनाने जा रही है.
Article source: https://hindi.news18.com/news/entertainment/hollywood/supermodel-naomi-campbell-about-india-1185234.html
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