Tuesday, 26 June 2018

अमरनाथ यात्रा: पहला जत्‍था रवाना, 15 फीसदी और बढ़ाई सुरक्षा


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अमरनाथ यात्रा का पहला जत्‍था जम्‍मू-कश्‍मीर के बेस कैंप से रवाना हो चुका है. बुधवार को जम्‍मू-कश्‍मीर के मुख्‍य सचिव बीवीआर सुब्रमण्‍यम, जम्‍मू-कश्‍मीर गर्वनर के सलाहकार बीबी व्‍यास और विजय कुमार ने ध्‍यज लहराकर यात्रा को रवाना किया.इस मौके पर विजय कुमार ने कहा कि अमरनाथ यात्रा एक जरूरी वार्षिक कार्यक्रम है. सभी सुरक्षा एजेंसियों, स्‍थानीय लोगों अौर विकास एजेंसियों के माध्‍यम से अमरनाथ यात्रियों को सुविधाएं उपलब्‍ध कराई जा रही हैं. वहीं सुरक्षा व्‍यवस्‍थाओं का जायजा लेने पहुंचे आईजी सीआरपीएफ ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए विशेष ध्‍यान दिया जा रहा है.


पिछले साल से भी ज्‍यादा सुरक्षा इंतजाम इस बार किए गए हैं. ले‍टेस्‍ट उपकरण और तकनीक अपनाई जा रही है.




वहीं डीजी सीआरपीएफ भी अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा का जायजा लेने बुधवार को कश्‍मीर पहुंचेंगे. बता दें कि अमरनाथ यात्रा के चलते सुरक्षा बलों की तादात घाटी में 15 फीसदी तक बढ़ाई गई है. सबसे ज्यादा तैनाती सीआरपीएफ के जवानों की है. पिछले साल 183 कंपनिया थी, इस साल 213 अर्धसैनिक बल की कंपनिया हैं. मौजूदा समय में 20 हजार सीआरपीएफ के जवान घाटी में तैनात हैं.


इसके अलावा बीएसएफ, आईटीबीपी और एसएसबी की 100 कंपनी, 9000 जवान घाटी में तैनात हैं, जबकि पिछले साल ये करीब 7000 थे. इसके अलावा 20 जम्मू कश्मीर पुलिस की कंपनियों के 2000 जवान मौजूद हैं. सेना की 2 यूनिट के करीब 1000 जवान बाहरी यात्रा बंदोबस्त ड्यूटी पर मौजूद हैं.




28 जून को सुबह गवर्नर पवित्र गुफा में पहली आरती करेंगे. इसके बाद यात्रा शुरू होगी. बताया जा रहा है कि अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले सुरक्षा एजेंसियों ने वाहनों पर नजर रखनी शुरू कर दी है. आरएफ-  आईडी यानि रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन के जरिए वाहनों पर नजर रखी जा रही है.


पिछले साल अमरनाथ यात्रा में बस पर जो हमला हुआ था उसे देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने वाहनों पर नजर रखने के लिए इस नई तकनीक का इस्तेमाल किया है. वाहनों पर स्ट्रिप चिपकी होती है. एक सेंसर सुरक्षा कैंप पर इंस्टाल रहता है. आरएफआईडी स्ट्रिप लगे वाहन जैसे ही पार करते हैं ये सेंसर उसको मॉनिटर करते हैं. कोशिश यही की गई है कि यात्रा के लिए सारी गाड़ियों की निगरानी इसी सिस्टम के जरिए की जाए.


Article source: http://www.bhaskar.com/article/GUJ-killing-to-blue-bull-permission-in-gujarat-but-not-any-case-5345770-PHO.html

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