Wednesday, 27 June 2018

ईरान से तेल आयात, टैरिफ पर तनाव के बीच US ने स्थगित की भारत से 2+2 वार्ता


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भारत पर अमेरिकी उत्पादों पर अधिक इम्पोर्ट लगाने का आरोप लगाने और ईरान से तेल आयात को लेकर चेतावनी देने के कुछ घंटों बाद अमेरिका ने भारत के साथ जुलाई में प्रस्तावित 2+2 वार्ता स्थगित कर दी है. अमेरिका के स्टेट सेक्रेटरी माइक पोम्पियो ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को बुधवार शाम फोन कर वार्ता स्थगित करने की जानकारी दी. यह वार्ता अगले सप्ताह होने वाली थी.विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट किया, “अमेरिकी स्टेट सेक्रेटरी पोम्पियो ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से कुछ देर पहले फोन पर बात की और 2+2 वार्ता स्थगित करने पर खेद जताया. उन्होंने कहा कि अपरिहार्य कारणों से वार्ता स्थगित की जा रही है.”


पोम्पियो ने 6 जुलाई को प्रस्तावित वार्ता को अचानक खत्म करने का कोई कारण नहीं बताया. कुमार ने आगे लिखा, “पोम्पियो और सुषमा स्वराज वार्ता के लिए नई तारीख के चयन पर सहमत हो गए हैं. दोनों देशों के सुविधा के मुताबिक जल्द से जल्द वार्ता की तारीख तय की जाएगी.”


जानकारों का मानना है कि ट्रंप ने अपने इस फैसले का बचाव करते हुए दलील दी कि चीन, यूरोपीय संघ और भारत जैसे बड़े व्यापारिक साझेदारों के साथ टैक्स में असामानताओं को खत्म करने के लिए यह फैसला लिया है.


इस वार्ता में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण अपने अमेरिकी समकक्षों सेक्रेटरी ऑफ स्टेट (विदेश मंत्री) माइक पोम्पियो और डिफेंस सिक्रेटरी (रक्षा मंत्री) जेम्स मैटिस से बातचीत करने वाली थीं.


हाल ही में ट्रंप ने कहा था, ‘याद रखें, हम बैंक हैं. हम ऐसे बैंक बन गए हैं, जिसे हर कोई लूटना चाहता है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. चीन के साथ व्यापार में बीते साल हमने 500 बिलियन डॉलर गंवा दिए. यूरोपियन यूनियन के साथ हमने 151 अमेरिकी डॉलर गंवा दिए, जिसके चलते हमें बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है और हमारे किसान व्यापार नहीं कर सकते.


बता दें कि बुधवार को अमेरिका ने भारत, चीन समेत अन्य देशों से कहा है कि उन्हें 4 नवंबर तक ईरान से क्रूड ऑयल का आयात बंद करना होगा. इस अधिकारी ने बैन के खिलाफ जाने पर भारत को प्रतिबंध की चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि भारतीय और चीनी कंपनियों पर वैसे ही प्रतिबंध लगाए जाएंगे जैसे अन्य देशों की कंपनियों पर लगाए जाते हैं. अमेरिका स्टेट डिपार्टमेंट के एक सीनियर अधिकारी ने यह स्वीकार किया कि ईरान की फंडिंग रोकने के लिए ट्रंप प्रशासन अपने सहयोगी देशों पर दबाव बना रहा है. पिछले महीने अमेरिका ने खुद को ईरान न्यूक्लियर डील से अलग कर लिया था. ईरान पर कुछ प्रतिबंध 6 अगस्त से लागू हो जाएंगे वहीं ऑयल सेक्टर से जुड़े प्रतिबंध 4 नवंबर से लागू होंगे.


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