Wednesday, 27 June 2018

मानसून के प्रवेश से झारखंड के किसानों के चेहरे खिले, खेतों में धान की खेती में जुटे किसान


READ MORE

झारखंड के किसानों का इंतजार समाप्त हो चुका है. पिछले दो दिनों से राज्य में मानसून के प्रवेश करते ही अच्छी बारिश हो रही है. मानसून के इंतजार में अभी तक अपने खेतों को तैयार कर चुके किसानों के चेहरे पर खुशियां लौट आयी है. झारखंड में मुख्य फसल के रुप में धान की खेती होती है. इसलिए राज्य के लोगों के लिए मानसून की बारिश खास मायने रखती है. किसानों को उम्मीद है कि पिछले वर्ष की तरह ही इस वर्ष भी अच्छी बारिश के चलते अच्छी फसल होगी.सूबे में मानसून के प्रवेश में देरी जरूर हुई है लेकिन इस मानसूनी बारिश से किसानों का चेहरा खिल गया है. खेतों में धान की खेती में किसान जुट गये हैं. राज्य में करीब 18 लाख हेक्टेयर में धान की खेती होती है. वहीं बीएयू के कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है. कहा है कि देर से आये मानसून के चलते किसान चितिंत न हो. सीधी धान के बीज की रोपाई कर सकते हैं किसान.


झारखंड के बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिक डॉ डी एन सिंह ने किसानों को देर से आई मॉनसूनी बारिश के चलते निराश होने की जगह धान के साथ साथ टांड यानि उंची जगहों के लिए मक्का, दलहनी अरहर, उड़द, तिल की खेती करने की सलाह दी है. वहीं धान की खेती के लिए सीधी रोपाई भी किसान करें और अगर मानसून के इंतजार में बिचड़ा नहीं डाला है तो तुरंत बिचड़ा डाल दें. कृषि वैज्ञानिक के अनुसार 21 दिन के बिचड़े को जरुर रोपाई करें.


ये भी पढ़ें- झारखंड में मानसून ने दी दस्तक, उत्तरी और दक्षिणी-पूर्वी जिलों में जोरदार बारिशVIDEO: बारिश के बाद लोगों की बढ़ी परेशानी


Article source: http://khabar.ibnlive.com/news/khel/mother-dairys-campaign-jeetenge-dil-484694.html

No comments:

Post a Comment